पानी के लिए ब्लाक मुख्यालय पर प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : amar ujala
बीटीकेआईटी पंपिंग पेयजल योजना से जुड़े गौचर, डढोली, भौरा, धरमगांव, मायापुरी आदि गांवों में लंबे समय से चल रही पेयजल समस्या से परेशान ग्रामीणों शुक्रवार को ब्लाक मुख्यालय में धरना प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों के साथ हुए लिखित समझौते के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित कर दिया।
गौचर, डढोली, भौरा, धरमगांव सहित तमाम गांवों में लंबे समय से पेयजल किल्लत चल रही है। पाइपों की मरम्मत नहीं होने के कारण आए दिन पाइप क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ता है। इससे परेशान ग्रामीण शुक्रवार को ब्लॉक मुख्यालय पहुंच गए।
उन्होंने ब्लाक मुख्यालय में जल संस्थान के खिलाफ प्रदर्शन किया। मौके पर पहुंचे जल महकमे के अधिकारियों की आंदोलनकारियों के साथ लंबी वार्ता हुई। जिसमें तय हुआ कि गगास पंपिंग योजना के सभी पाइप बदले जाएंगे। विभागीय कार्यों की निगरानी के लिए क्षेत्रवासियों द्वारा गठित समिति को भी शामिल किया जाएगा। समिति में प्रधान अनीता बजेठा, दीप्ती मठपाल, चंद्रादत्त मठपाल, मनोज मेहरा, रघुवीर अधिकारी, उमा आर्या, प्रेम रावत, मनोज अधिकारी, चंदन नेगी, वीरेंद्र बजेठा आदि शामिल होंगे। योजना से संबंधित अंतिम छोर तक पानी उपलब्ध कराया जाएगा। वार्ता में हुए समझौते के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन स्थगित किया। वार्ता में जल निगम के एई बीएस रौतेला, एई आरपी डोभाल, बीडीओ नारायण सिंह नेगी के अलावा कला मठपाल, हंसी मठपाल, सुरेंद्र रावत, भूपेंद्र बजेठा सहित पांच दर्जन से अधिक लोग मौजूद रहे।