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महरगाड़घाटी के ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

Thu, 22 Jan 2015 12:04 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बागेश्वर
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विकास के दावों के बावजूद कपकोट ब्लाक की महरगाड़घाटी के लोगों को बुनियादी सुविधाएं भी नसीब नहीं हैं। परेशान ग्रामीणों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। वे सड़कों पर उतर आए। जोरदार नारेबाजी के साथ जुलूस निकालकर ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में धरना, प्रदर्शन किया। डीएम बीएस मनराल को 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। इसमें मांगें शीघ्र पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
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कपकोट के ब्लाक प्रमुख मनोहर राम के  नेतृत्व में महरगाड़घाटी के ग्रामीण जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते कलक्ट्रेट पहुंचे। वहां हुई सभा में वक्ताओं ने कहा कि शासन, प्रशासन की घोर उपेक्षा के कारण घाटी का विकास ठप है। प्राइमरी से लेकर इंटर कालेजों में शिक्षकों, प्रधानाचार्यों की भारी कमी है। बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। सरकारी अस्पताल नामतीचेटाबगड़ का भवन छह साल से अधूरा है। चेटाबगड़ में खड़लेख भनार मार्ग 800 मीटर तक अधूरा है। कनौली रमाड़ी मार्ग की हालत भी खस्ता है। मार्ग में पुल का निर्माण कार्य ठप है। बैंक, एएनएम सेंटर की स्थापना नहीं की गई है। जिससे प्रसव पीड़िताओं, बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

चेतावनी दी कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा। डीएम ने ग्रामीणों को समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया। प्रदर्शन करने वालों में जिला पंचायत सदस्य हेमा पाठक, ग्राम प्रधान मानुली देवी चेटाबगड़, हंसा कोश्यारी सुखचौना, मंजू देवी कालापैर काफड़ी, लाल सिंह कोश्यारी किसमिला,  पूर्व प्रधान लक्ष्मी दत्त पाठक, भगवती प्रसाद पाठक, सुरेंद्र कोश्यारी, धाम सिंह, नारायण सिंह, बालक सिंह, नरेंद्र सिंह कोश्यारी, किशन सिंह, प्रवींद्र सिंह, मनोज सिंह आदि शामिल थे।
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