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श्रमदान कर भूल्यूड़ा के ग्रामीण और प्रवासी गांव को मार्ग से जोड़ने में जुटे

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श्रमदान कर भूल्यूड़ा गांव के लिए मार्ग तैयार करते ग्रामीण और प्रवासी युवा। - फोटो : ALMORA
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अल्मोड़ा। कोरोना महामारी के दौर में हवालबाग विकासखंड के भूल्यूड़ा गांव के ग्रामीणों ने गांव को सड़क से जोड़ने का बीड़ा उठाया है। स्थानीय ग्रामीण और गांव लौटे प्रवासी युवक प्रतिदिन श्रमदान कर पपरसली के समीप से गांव के लिए करीब चार से पांच फीट चौड़ा मार्ग बनाने में जुटे हुए हैं। ग्रामीणों ने दो सप्ताह में आधा किमी मार्ग तैयार भी कर लिया है।
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पपरसली से भूल्यूड़ा गांव की पैदल दूरी करीब तीन किमी है। पपरसली से सौ मीटर मार्ग ही बना है। भूल्यूड़ा के ग्रामीणों को सड़क तक पहुंचने के लिए करीब तीन किमी पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। गांव को जोड़ने वाला पैदल रास्ता भी ठीक स्थिति में नहीं है। बीमारों को डोली से सड़क तक पहुंचाने में भी ग्रामीणों को काफी दिक्कतें होती हैं।
ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग करते आ रहे थे, लेकिन कहीं कोई सुनवाई नहीं हुई। कोरोना महामारी के दौर में स्थानीय ग्रामीण और घर लौटे प्रवासी युवाओं ने गांव को मार्ग से जोड़ने का निर्णय लिया। पिछले दो सप्ताह से गांव के सभी आयु वर्ग के लोग श्रमदान में जुटे हुए हैं। ग्रामीण सुबह और शाम दो-दो घंटे श्रमदान करते हैं।
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अवकाश के दिन ग्रामीण पूरे दिन खुदाई कर मार्ग का निर्माण करने में जुटे जाते हैं। घरों से गैंती, फावड़ा, बेलचा आदि उपकरणों से मार्ग बना रहे हैं। ग्रामीणों ने अब तक चार से पांच फीट चौड़ा करीब 500 मीटर लंबा मार्ग तैयार कर लिया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस मार्ग के नीचे की ओर दीवार का निर्माण हो जाए तो इसमें चौपहिया वाहन आसानी से आ जा सकेंगे। श्रमदान में सामाजिक कार्यकर्ता जीवन बिष्ट, ग्राम प्रधान वैशाली टम्टा, बीडीसी सदस्य आनंद सिंह के अलावा प्रवासी कुंदन सिंह बिष्ट, धीरज सिंह, योगेश सिंह, सुंदर, अमित, कमल समेत काफी संख्या ग्रामीण जुटे हैं।
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