ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त मद की धनराशि में कटौती करने के विरोध में सोमवार को 11 विकासखंडों के दर्जनों प्रधानों ने विकास भवन में नारेबाजी की और सीडीओ के माध्मय से मुख्यमंत्री को भेजे ज्ञापन में सशर्त सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी भी दी। उन्होंने उत्तराखंड में पंचायती राज एक्ट लागू करने और ग्राम प्रधानों को पांच हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय देने की भी मांग की।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत विकासखंड के दर्जनों ग्राम पंचायतों के प्रधान और अन्य प्रतिनिधि सोमवार को मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय पहुंचे।
उन्होंने ग्राम पंचायतों को राज्य वित्त की धनराशि में कटौती करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। वक्ताओं ने इस निर्णय को पंचायत विरोधी बताते हुए कहा कि यह ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को स्वीकार नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस निर्णय को वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि यदि राज्य वित्त की धनराशि में कटौती की गई तो जल्द ही वह लोग ग्राम पंचायत कार्यालय, खंड विकास अधिकारी कार्यालयों पर अनिश्चितकालीन तालाबंदी करने को बाध्य होंगे।
उन्होंने राज्य वित्त की धनराशि को वापस लेने, उत्तराखंड का पंचायती एक्ट अतिशीघ्र लागू करने और पंचायत प्रतिनिधि, ग्राम प्रधानों का मानदेय 750 से बढ़ाकर पांच हजार करने की मांग की। इस मौके पर विभिन्न विकासखंडों से पहुंचे ग्राम प्रधान देवेंद्र सिंह नयाल, मोहनी जोशी, प्रताप सिंह, आशा मेहता, दया किशन, राजेंद्र राम, नरेंद्र सिंह, लीला देवी, गंगा जोशी, चंपा देवी, मोहन चंद्र, पार्वती देवी, मोहनी देवी, गीता देवी, गधेश राम, हंसी देवी, किशोर जोशी, कौस्तुभानंद उप्रेती, गोदावरी देवी, किशनी देवी, महेश चंद्र सिंह, जीवन सिंह नेगी, रंजना टम्टा, मीरा देवी, भूपाल राम, जगत सिंह, मीना बिष्ट, पुष्पा देवी, पूनम तिवारी, बसंती देवी, पूरन राम, रेखा लोहनी समेत काफी संख्या में प्रधान मौजूद थे।
ब्लॉक मुख्यालय पर ताले जड़े
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। ग्राम पंचायतों को मिलने वाले राज्य वित्त के मद में कटौती और मनरेगा कार्यों का भुगतान नहीं होने से गुस्साए प्रधानों ने यहां ब्लॉक मुख्यालय पर प्रदर्शन कर तालाबंदी कर दी। मांगों को लेकर बीडीओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा गया।पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत प्रधान संगठन के नेतृत्व में प्रधानों ने ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। कहा कि सरकार उद्यान विभाग का कृषि विभाग में विलय करने की तैयारी कर रही है, जो कि ठीक नहीं है।
विलय होने से दोनों विभागों की योजनाओं के लाभ से काश्तकार और ग्रामीण वंचित रह जाएंगे। इस दौरान बीडीओ नीलकंठ भट्ट के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को सात सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें कहा गया है कि यदि शीघ्र सार्थक कार्रवाई नहीं हुई तो प्रधान वृहद आंदोलन शुरू कर देंगे। कार्यक्रम में प्रधान विपिन पंत, ललित मोहन पांडे, आनंद बल्लभ पांडेय, नवीन मैनाली, नवीन कठायत, मनोहर बिष्ट, सुरेश चंद्र, लाल सिंह, हरीश चंद्र, जोगा राम, बीना देवी, पुष्पा आगरी, पार्वती देवी, गीता देवी, दीपा मठपाल, पुष्पा तिवारी, राधा किरौला, बचुली देवी, गीता चौधरी, हेमा रौतेला, हंसी देवी आदि मौजूद थे।