पालीटेक्निक की चहारदीवारी साल 2013 में आई दैवी में बह गई
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अल्मोड़ा। आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने ग्राम प्रहरियों को आपदा सहायक बनाने का निर्णय लिया है। शासन के निर्देश पर प्रशासन ने ग्राम प्रहरियों को जिला मुख्यालय में प्रशिक्षण देकर आपदा राहत, खोज और बचाव के गुर सिखाए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में एडीएम और प्रभारी अधिकारी दैवीय आपदा ईला गिरि ने कहा कि आपदा की घटनाओं ने निपटने को प्रभावी तैयारी और त्वरित कार्रवाई जरूरी है। इसके लिए ग्राम प्रहरी काफी मददगार साबित हो सकते हैं। एडीएम ने बताया कि सरकार ने ग्राम प्रहरियों को आपदा सहायक बनाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि आपदा की घटना की सूचना ग्राम प्रहरी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के दूरभाष नंबर 05962-237874, 237875 पर देंगे, ताकि प्रभावित स्थल पर राहत दलों को तुरंत रवाना किया जा सके। एनडीआरएफ के निरीक्षक कश्मीर सिंह और उप निरीक्षक चेतन शर्मा की टीम ने ग्राम प्रहरियों को आपदा के दौरान खोज, बचाव और घायलों को सुरक्षित निकालने के तरीके बताए।
आपदा के समय काम आने वाले उपकरण वुडकटर, आयरन कटर, कंकरीट कटर, रोप, कैराबाइनर, डिसेंडर, पुली आदि उपकरणों को चलाकर उनके काम करने के तरीके सिखाए। आपदा प्रबंधन अधिकारी राकेश जोशी ने ग्राम प्रहरियों से गांव में हो रही भूस्खलन, पानी जमाव से होने वाले संभावित नुकसान पर भी पैनी नजर रखने को कहा। इस मौके पर भुवन कांडपाल, रवींद्र सिंह मेर, दीपेश नेगी, गोधन सिंह आदि मौजूद थे।