प्रमाण पत्रों के साथ प्रतिभागी।
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राजकीय महाविद्यालय भिकियासैंण में पांच दिवसीय राज्य स्तरीय रोवर, रेंजर प्रशिक्षण शिविर के समापन पर देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही। उत्तराखंड लोक संस्कृति के विविध रूपों की दिलकश प्रस्तुति के साथ ही शिविर का समापन हो गया है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुरुआत सरस्वती वंदना के साथ हुई। देर रात तक चले कार्यक्रम में राजकीय महाविद्यालय मानिला के छात्र-छात्राओं ने खोल दे माता खोल भवानी...और धारा में केवाड़ा.. झोड़ा नृत्य की शानदार प्रस्तुति दी। महाविद्यालय भतरौंजखान ने कुमाऊंनी ग्रुप डांस और रुद्रपुर ने पंजाबी नृत्य प्रस्तुत कर वाह वाही लूटी। इसके अलावा दहेज प्रथा, स्वच्छता, भ्रूण हत्या, नशा आदि मुद्दों पर नाटक प्रस्तुत किए।
इससे पहले समापन कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए प्राचार्य डॉ. संगीता गुप्ता ने कहा कि शिविरों से अनुशासन, समाजसेवा, भाईचारे के साथ सृजनात्मक ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि इन पांच दिनों में अर्जित ज्ञान को समाज कल्याण में लगाना होगा। इस मौके पर प्रादेशिक प्रशिक्षण आयुक्त रामसिंह नेगी, भुवनेश्वरी, डॉ. रजनी शर्मा, नवीन चंद्र रिखाड़ी, विनोद कुमार, चरणसिंह, चंदन सिह, हिमांशु, कृष्णचंद्र, देवेंद्र बिष्ट, ज्योति राणा, शैलेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।