पीरियड में छात्राओं को पढ़ाने वाला कोई नहीं।
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शहीद स्मारक राजकीय इंटर कालेज खुमाड़ में सात प्रवक्ताओं समेत आठ शिक्षकों के पद खाली हैं। जिसका असर बच्चों की पढ़ाई के साथ ही अनुशासन पर भी पड़ रहा है। शिक्षकों के अभाव में तीसरे वादन में नवीं, दसवीं और ग्यारहवीं के बच्चे कक्षाओं में खेल रहे थे। बच्चों के बैठने के लिए फर्नीचर की व्यवस्था नहीं है। शौचालय भी जीर्ण-शीर्ण बने हुए हैं। तीन सालों में छात्र संख्या 400 से घटकर 120 रह गई है।
तहसील मुख्यालय से लगा हुआ शहीद स्मारक राजकीय इंटर कालेज खुमाड़ स्थित है। प्रात: नौ बजे स्कूल में तीसरा वादन चल रहा था। इन दौरान नवीं, दसवीं और ग्यारहवीं के छात्र-छात्राएं कक्षा कक्षों में खेलते हुए मिले। स्कूल में सात प्रवक्ताओं प्रवक्ता भौतिक, रसायन, गणित, हिंदी, संस्कृत, राजनीति शास्त्र, वाणिज्य के अलावा एलटी संवर्ग में हिंदी शिक्षक का पद लंबे समय से खाली है। इसके अलावा मुख्य सहायक, लिपिक और स्वच्छक का एक-एक पद खाली है।
बच्चों के बैठने के लिए पर्याप्त फर्नीचर की भी व्यवस्था नहीं है। शौचालय जीर्ण-शीर्ण स्थिति में हैं। इस कारण खासकर स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। खिड़कियों के शीशे टूटे हैं। बरसात में पानी अंदर आता है। 2012-13 में स्कूल में छात्र संख्या 400 थी जो अब घटकर 120 हो गई है।