कसारदेवी स्थित मां कात्यायनी देवी मंदिर में योग करते लोग। स्वयं
अल्मोड़ा। एसएसजे विवि के योग विज्ञान विभाग और नमामि गंगे की ओर से कसारदेवी स्थित मां कात्यायनी देवी मंदिर में वेद, पुराणों और नदी सभ्यता को लेकर गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राजकीय उच्चतर प्राथमिक विद्यालय एनटीडी के प्रधानाचार्य दीपक वर्मा, दीप्ति बिष्ट, प्रकाश बोरा, ललिता जोशी, लल्लन कुमार सिंह, रॉबिन हिमानी ने किया।
प्रधानाचार्य दीपक वर्मा ने कहा कि वेद, पुराण, उपनिषद और संहिताओं में ज्ञान-विज्ञान का असीमित भंडार समाया है, इनका प्रयोग विश्व के कल्याण के लिए किया जाता है। डॉ. गिरीश अधिकारी ने नदियों की सभ्यता की जानकारी दी। इस मौके पर योग प्रशिक्षकों ने धनुरासन, पर्वतासन, भुजंगासन सहित कई अन्य योगाभ्यास कराए। यहां योग विज्ञान के विभागाध्यक्ष डॉ. नवीन चंद भट्ट, रजनीश जोशी, हेमलता अवस्थी, ललिता तोमकियाल, खुशी बिष्ट ,गीतांशी तिवारी, पंकज राठौर, अभय, आशीष, माया कविता तोमक्याल आदि मौजूद रहे।