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Almora News: सुहागिनों ने की वट वृक्ष की पूजा

Sat, 20 May 2023 12:08 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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अल्मोड़ा के साईं मंदिर में वट-सावित्री की पूजा करतीं सुहागिन। संवाद
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अल्मोड़ा/रानीखेत/चौखुटिया। जिले में शुक्रवार को वट सावित्री पूजन किया गया। इस दौरान सजी, धजी सुहागिनों ने वट-सावित्री का पूजन कर अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद मांगा। मंदिरों में भी पूजा-अर्चना के लिए रंग्वाली पिछौड़ा पहनकर आईं महिलाओं की भीड़ जुटी रही। ग्रामीण क्षेत्र में भी सुहागिनों में इस पर्व को लेकर खासा उत्साह नजर आया।
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जिले के नंदा देवी, चितई गोलू, रघुनाथ मंदिर, सुनारीनौला, कसारदेवी, रानीखेत, ताड़ीखेत, द्वाराहाट, भिकियासैंण सहित अन्य मंदिरों में शुक्रवार सुबह से पारंपरिक वेशभूषा में सुहागिनों के आने का सिलसिला शुरू हो गया जो दिनभर चलता रहा। नगर के साईं मंदिर में सुहागिनों ने वट-सावित्री की पूजन कर पति की लंबी उम्र की कामना की। हरीश कांडपाल सहित कई पंडितों ने सावित्री-सत्यवान की कथा सुनाई। नंदा देवी मंदिर में विवाहित महिलाओं ने वट वृक्ष पर रक्षा धागा बांधकर अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद मांगा। इस दौरान मंदिरों में भजन-कीर्तन भी हुए।
अल्मोड़ा के लोअर मॉल रोड निवासी नवीन जोशी के घर के पास पंडित प्रमोद लोहनी ने दिव्या, चंपा, मंजू, हेमा, दीपा आदि से पूजा करवाई। रानीखेत के शिव मंदिर के मुख्य पुजारी हेम चंद्र पंत और उनके सहयोगी रमेश चंद्र अधिकारी ने अनुष्ठान कराए। पंचेश्वर महादेव मंदिर में विमला पांडे, कंचन नेगी, दुर्गा अधिकारी, पारुल नेगी, किरन मेहरा, दीपा पांडे, चंपा पांडे, कमला कांडपाल, ज्योति पांडे आदि ने वट सावित्री पूजन किया।
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चौखुटिया में चांदीखेत की महिलाओं ने खीरचौरा मंदिर और रत्नेश्वर मंदिर में जाकर वट वृक्ष की पूजा की। खीरचौरा में पूजा करने वालों में किरन जोशी, रेनू पांडे, उमा जोशी, हेमा पांडे, सविता जोशी, मंजू उपाध्याय, मंजू पंत, रंजना राणा, गीता असवाल, चंपा सक्सेना, रेनू गोस्वामी आदि महिलाएं शामिल थीं।




बागनाथ मंदिर परिसर में की वट वृक्ष की पूजा

बागेश्वर। सुहागिनों ने जिला मुख्यालय के बागनाथ मंदिर परिसर समेत कांडा, कपकोट, गरुड़, काफलीगैर, दुग नाकुुरी तहसील क्षेत्रों में स्थित वट वृक्ष की पूजा की। पूजा के लिए मंदिरों में महिलाओं की भीड़ उमड़ी।

पंडित गणेश चंद्र तिवारी बताते हैं कि सनातन धर्म में सुहागिनों के लिए वट सावित्री के दिन का बड़ा महत्व है। यह पर्व परम पतिव्रता सावित्री के अपने पति सत्यवान के प्राणों को यमराज से छुड़ाकर लाने का प्रतीक है। वट वृक्ष को त्रिदेव का स्वरूप माना गया है। वट के जड़ में ब्रह्मा, तने में विष्णु और पत्तियों में भगवान शिव का वास माना गया है। पूजा के बाद वट वृक्ष के चारों ओर तीन परिक्रमा कर धागा लपेटने का विधान है।

अल्मोड़ा के साईं मंदिर में वट-सावित्री की पूजा करतीं सुहागिन। संवाद

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