बागेश्वर। मौसम मेें हो रहे बदलाव ने हर वर्ग के लोगों को प्रभावित किया है। मई में ठंड जैसे हालात हैं। लोग पंखे, कूलर और एसी चलाने के बजाय कंबल, चादर ओढ़कर सो रहे हैं। गर्मी भगाने वाले इन उपकरणों की बिक्री न होने से कारोबारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
जिला मुख्यालय सबसे गर्म स्थानों में शामिल है। कपकोट और गरुड़ के घाटी वाले इलाकों में भी गर्मी पड़ती है। इन क्षेत्रों में अप्रैल से जुलाई तक तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहता है लेकिन इस साल बेमौसमी बारिश के कारण दो माह में अधिकतम तापमान 28 सेल्सियस डिग्री तक ही पहुंच सका है। बारिश, ओलावृष्टि होने पर तापमान 20 डिग्री सेल्सियस तक गिर रहा है। तापमान में हो रही गिरावट के कारण मई में भी लोग ऊनी कपड़े पहनने के लिए मजबूर हो रहे हैं। तीन दिन पहले जिले के ऊंचाई वाले इलाकों में ओलावृष्टि हुई थी। मौसम विज्ञान विभाग ने 22 मई से फिर बारिश का अनुमान जताया है। अगले माह से बरसात शुरू हो जाएगी। ऐसे में लोगों को इस साल गर्मी के सीजन का आभास कम ही होने की उम्मीद है।
मौसम में बदलाव का काफी असर पड़ रहा है। पिछले साल मई के पहले सप्ताह तक 35 एसी बिक्री हुए थे, इस बार आंकड़ा छह से आगे नहीं पहुंचा है। कूलर की बिक्री भी कम है। उम्मीद है अब मौसम साथ देगा और आने वाले समय में बिक्री बढ़ेगी। - सुरेेश चंद्र तेवाड़ी, इलेक्ट्रॉनिक्स कारोबारी।
इस साल बारिश के कारण पंखों की बिक्री प्रभावित हुई है। अप्रैल और मई में ही अधिक कारोबार होता था। पिछले साल इस अवधि तक 65 से अधिक पंखे बिक चुके थे लेकिन इस साल एक पंखा भी नहीं बिका। अब मौसम साफ रहने से तापमान और पंखों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है। -हरीश सिंह मनराल, इलेक्ट्रिकल्स व्यापारी।