अल्मोड़ा। अंकिता भंडारी हत्यांकाड के दोषियों को सख्त सजा देने की मांग को लेकर विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने रविवार को चौघानपाटा स्थित गांधी पार्क में प्रदर्शन किया। उन्होंने नारे लगाकर विरोध जताया। उन्होंने वीआईपी समेत सभी दोषियों पर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में भाजपा नेता विनोद आर्य के पुत्र पुलकित आर्य सहित तीन लोग विशेष सत्र न्यायालय से आजीवन कारावास से दंडित हुए हैं, अन्य आरोपियों को भी सख्त सजा मिलनी चाहिए। इस मामले में ज्वालापुर के पूर्व विधायक सुरेश राठौर की कथित दूसरी पत्नी उर्मिला सनावर से बातचीत के वायरल ऑडियो के खुलासे ने उत्तराखंड की राजनीति में भूचाल ला दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसियां दबाव के चलते वीआईपी को आरोपी बनाने से बचती रही है।
भाजपा की डबल इंजन सरकार के कई नेता, मंत्री लगातार उत्तराखंड समेत पूरे देश में यौन अपराधों के सारे रिकॉर्ड तोड़ते चले आ रहे है। अंकिता हत्या मामले में बुलडोजर की राजनीति ने जिन अहम साक्ष्यों को कुचला उसमें आरती गौड़, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, मुख्यमंत्री की संलिप्तता उजागर हुई है। जिनके भारी दबाव पर ही सीबीआई जांच में मुख्य आरोपियों को बचा लिया गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। वहां अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की प्रांतीय अध्यक्ष सुनीता पांडे, सरस्वती देवी, जया पांडे, चंद्रा देवी, प्रेम जड़ौत, हेमा अधिकारी, आनंदी मेहरा, आनंदी कनवाल, प्रिया, विजयलक्ष्मी, भारत की जनवादी नौजवान सभा के यूसुफ तिवारी, भारत ज्ञान विज्ञान समिति के प्रमोद तिवारी, अशोक पंत, क्रांति कुमार जोशी, राजेंद्र प्रसाद जोशी आदि शामिल रहे।