जैंती (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड संस्कृत अकादमी की ओर से आदि कवि महर्षि वाल्मीकि मास महोत्सव मनाया गया। इस ऑनलाइन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा निदेशक प्रो. सीडी सूंठा ने कहा कि व्यक्ति, समाज के सर्वांगीण विकास के लिए संस्कृत भाषा, उसमें लिखे गए वेद, रामायण आदि ग्रंथ महत्वपूर्ण हैं। जिला संयोजक राम सिंह धौनी राजकीय महाविद्यालय जैंती के डॉ. केशव दत्त जोशी ने कहा कि संस्कृत देववाणी है। इस भाषा का ज्ञान बेहद जरूरी है।
मुख्य वक्ता प्रो. लज्जा भट्ट ने वाल्मीकि रामायण के बारे में बताया। डॉ. विद्याकांत पांडे ने कहा कि रामायण का एक-एक शब्द मनुष्य के लिए अमृत संजीवनी के समान है। विशिष्ट अतिथि डॉ. ललित पांडे ने कहा कि विश्व का श्रेष्ठ साहित्य संस्कृत में रचा गया है।
राज्य संयोजक डॉ. हरीश चंद्र गुरुरानी और जिला सह संयोजक डॉ. राधेश्याम ने संस्कृत के प्रचार-प्रसार संबंधी प्रयास बताए। अल्मोड़ा जिले की ओर से आयोजित कार्यक्रम को सराहनीय बताया। इस दौरान डॉ. प्रकाश मठपाल, डॉ. महिपाल कुटियाल, डॉ. लीलाधर मिश्र, डॉ. धीरज खाती, डॉ. हिमांशु पंत, डॉ. दिनेश पांडे, डॉ. खुशबू शुक्ला आदि जुड़े रहे।