अल्मोड़ा। सरकार बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने की घोषणा और दावे कर रही है, लेकिन जिले में प्राथमिक शिक्षा संवर्ग में शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के 3753 पदों में से 1125 पद खाली हैं। कोरोना काल में स्कूल न खुलने से बच्चों की पढ़ाई पर पहले से ही विपरीत असर पड़ रहा है। वहीं शिक्षकों की कमी से छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है।
सरकारी प्राथमिक स्कूलों में गरीब वर्ग के बच्चे ही पढ़ने आते हैं। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में दूरदराज इलाकों में जहां निजी स्कूल नहीं हैं वहां के सभी अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाते हैं, लेकिन पद खाली होने से सरकारी प्राथमिक स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ता है। जिले में 1264 प्राथमिक स्कूल हैं। इनमें प्राथमिक शिक्षकों के 1880 पद सृजित हैं।
इनमें से 1250 में शिक्षक तैनात हैं, जबकि 630 पद खाली हैं। वहीं प्रधानाध्यापक के 983 पदों में से 800 पद भरे हैं और 183 पद खाली हैं। यही हाल जूनियर हाईस्कूलों का भी है। कुल 163 जूनियर हाईस्कूल हैं। यहां शिक्षकों के 783 पद सृजित हैं, जिनमें से 518 शिक्षक तैनात हैं, जबकि 265 पद खाली हैं।
जूनियर संवर्ग में प्रधानाध्यापक के 107 पदों में से 60 पद ही भरे हैं जबकि प्रधानाध्यापक के 47 पद खाली हैं। शिक्षकों के पद खाली होने से बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ना स्वाभाविक है, लेकिन लंबे समय बाद भी शिक्षकों के खाली पदों को शिक्षा विभाग और सरकार नहीं भर सकी है।
418 पदों के लिए कुल 24300 आवेदन
अल्मोड़ा। शिक्षा विभाग ने जिले में प्राथमिक शिक्षकों के 418 पदों को भरने के लिए विज्ञप्ति निकाली थी। इन पदों के लिए प्रदेशभर से कुल 24300 प्रशिक्षितों ने आवेदन किए हैं। आंकड़ों के अनुसार एक सहायक शिक्षक के पद के लिए करीब 57 लोगों के आवेदन आए हैं।
विभाग ने प्राप्त आवेदन पत्रों की कंप्यूटर में डाटा फीडिंग कर ली है और पुन: जांच की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। सीईओ एचबी चंद ने बताया कि शासन से नियुक्ति के आदेश मिलने पर पद भरने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।