पटलगांव में ओलो और बारिश की मार से बची-खुची गेहूं की फसल सोमवार की रात सुअरों ने तहस-नहस कर दी। झुंड में सुअरों कई खेतों में तांडव मचाया। काश्तकार रात भर खेतों में आग जलाकर तो कुछ मानव पुतला बनाकर इस उत्पात पर लगाम लगाने का असफल प्रयास कर रहे हैं।
काश्तकारों की तमाम कोशिशों के बावजूद सुअरों के आतंक पर लगाम नही लग पा रही। सोमवार की रात पटलगांव में घुसे सुअरों के झुंड ने खेतों में गेहूं की लहलहाती फसल पूरी तरह बर्बाद कर दी। सुअर गेहूं की बालियां खाकर पौधे तहस-नहस कर गए हैं। पूर्व बीडीसी सदस्य हेम जोशी ने बताया कि उनके छह नाली के खेत में से तीन नाली खेत का गेहूं सुअर चट कर गए हैं।
इसी तरह तारासिंह के खेत के अधिकांश हिस्से का गेहूं बर्बाद कर दिया है। सेवानिवृत्त शिक्षक हरिदत्त शर्मा ने बताया कि उनका गेहूं और मसूर नष्ट कर दी है।
दयाल वैला तथा महेश शर्मा आदि ने बताया कि सुअरों से खेती को बचाने के सारे प्रयास नाकाम हो गए हैं। लोगों का कहना है कि गेहूं की फसल तैयार होने को है ऐसी स्थिति में सुअरों के झुंड दिन में भी आने लगे हैं। इनसे बचने के लिए खेतों में आग जलाना मजबूरी हो गया है। कई गांवों के ग्रामीण तो सामूहिक रूप से बारी-बारी पहरा दे रहे हैं।