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Uttarakhand: छात्रसंघ चुनाव को लेकर प्रदर्शन, पुलिस की घेराबंदी के बीच छात्र नेता ने खुद को लगाई आग

Mon, 28 Oct 2024 08:58 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा

सार

Uttarakhand News: प्रदेश में छात्रसंघ चुनाव न होने को लेकर छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी बीच अल्मोड़ा में सोमवार को प्रदर्शन के बीच दीपक लोहनी ने पुलिस की घेराबंदी के बीच अपने ऊपर पेट्रोल डालकर
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छात्रनेता ने खुद काे लगाई आग - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अल्मोड़ा में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच सोमवार को उस समय भारी हंगामा हो गया जब विवि के टाइगर ग्रुप के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी दीपक लोहनी ने पुलिस की घेराबंदी के बीच अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आत्मदाह की कोशिश की। पुलिसकर्मियों, अग्निशमन दस्ते के जवानों तथा छात्रों ने उसे बमुश्किल बचाया।

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दीपक करीब 20 से 25 प्रतिशत तक झुलस गया है। उसे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है जबकि एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के दावेदार अमित बिष्ट के आत्मदाह के प्रयास को पहले ही विफल कर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था। हालांकि, पुलिस एक्ट में चालान कर उसे बाद में छोड़ दिया गया।

दो दिन पहले एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अमित बिष्ट ने छात्रसंघ चुनाव की तारीख की घोषणा नहीं होने पर सोमवार को चौघानपाटा में गांधी पार्क के बाहर आत्मदाह करने की चेतावनी दी थी।
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पुलिस की घेराबंदी के बीच अमित दोपहर 01: 27 बजे शिखर होटल की तरफ से सिर पर काला कपड़ा बांधकर पहुंचा। उसके साथ कई अन्य छात्र भी थे। जैसे ही पार्क के बाहर पहुंचकर अमित ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़कने का प्रयास किया, पुलिस ने उसे पकड़कर गाड़ी में डाल लिया।

इसी बीच, भीड़ में से निकलकर आए छात्र नेता दीपक लोहनी ने अपने कपड़ों में छिपाकर लाई गई बोतल से अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क कर खुद को आग लगा ली। उसके हाथ और पेट झुलस गए। अग्निशमन दस्ते के जवानों तथा पुलिसकर्मियों ने आग पर काबू पा लिया। आग बुझाने के प्रयास में दो और छात्र मामूली तौर पर झुलस गए।

दीपक को छात्रों और पुलिस कर्मियों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उसका इलाज चल रहा है। छात्र नेताओं ने उसे अन्यत्र रेफर करने की मांग की लेकिन चिकित्सकों ने उसकी हालत खतरे से बाहर बताते हुए रेफर करने से इन्कार कर दिया। एसएसपी देवेंद्र पींचा ने बताया कि दीपक लाेहनी की हालत खतरे से बाहर है। इस बारे में कानूनी कार्रवाई करने के लिए नए कानूनी प्रावधानों का अध्ययन किया जा रहा है।

बहन चिल्लाती रही, मेरे भाई को बचा लो

दीपक ने जिस वक्त अपने ऊपर पेट्रोल छिड़ककर आग लगाई, उसकी छोटी बहन भी वहां भीड़ के बीच थी। बहन खुद भी भाई के शरीर पर लगी आग को बुझाने के लिए दौड़ी। देर तक वह चिल्लाती रही कि उसके भाई को बचा लो। दीपक की बहन भी एसएसजे की छात्रा है और चुनावों में अपने भाई को समर्थन दे रही है।
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