किसानों के समर्थन में धरना देते अखिल भारतीय किसान संगठन के लोग।
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अल्मोड़ा। उत्तराखंड किसान सभा (संबद्ध अखिल भारतीय किसान सभा) ने संयुक्त किसान एकता मोर्चा के भारत बंद को समर्थन दिया। संगठन ने शनिवार को अल्मोड़ा के चौघानपाटा में धरना देकर जल्द से जल्द किसान कानूनों को वापस लेने की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि किसानों के आंदोलन को महीनों बीत गए हैं। 150 से अधिक किसानों की आंदोलन के दौरान जान जा चुकी है लेकिन सरकार लगातार किसानों की अनदेखी कर रही है। किसानों की अनदेखी सरकार के असंवेदनशील और तानाशाही रवैये को दर्शाती है। कहा कि सरकार से किसानों की वार्ता भी असफल रही है। वर्तमान में भी सरकार किसानों के आंदोलन को गलत ठहराकर दुश्मनों सा व्यवहार कर रही है। किसान जो देश के लिए हमेशा समर्पित रहे हैं, उनपर जबरन नियम थोपे जा रहे हैं।
धरने पर बैठे लोगों ने सरकार से शीघ्र ही एमएसपी पर कानून बनाकर उसे अनिवार्य करने, गिरफ्तार किसानों को रिहा करने, शहीद किसानों के परिवारों को 20 लाख रुपये मुआवजा देने समेत तमाम मांगें उठाईं। साथ ही सरकार के प्रदर्शनकारियों के साथ व्यवहार को पूरी तरह गलत ठहराया। इस मौके पर सीटू के राज्य कमेटी सदस्य और जिला संयोजक आरपी जोशी, एडवा की प्रांतीय अध्यक्ष सुनीता पांडे, जिला सचिव राधा नेगी, मुन्नी प्रसाद, डीवाईएफआई के यूसुफ तिवारी, स्वप्निल पांडे, किसान सभा के जिला संयोजक दिनेश पांडे, केंद्रीय पेंशनर एसोसिएशन के राज्य सचिव महेश आर्या, अरुण जोशी, योगेश टम्टा, एडवोकेट योगेश पचोलिया, पूनम तिवारी, जया पांडे, भावना तिवारी, भानु पांडे, मुमताज अख्तर आदि थे।