रानीखेत (अल्मोड़ा)। ताड़ीखेत ब्लॉक के बजीनाऔर ख्यूशालकोट गांव में दो दिवसीय ग्राम स्तरीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें महिला किसानों को खेती से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई। सेंट्रल हिमालयन इनवायरमेंट एसोसिएशन नैनीताल के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने वर्तमान में उपयोग हो रहे रासायनिक खादों और कीटनाशकों के दुष्प्रभावों की जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि इनसे मिट्टी की उर्वरता और उत्पादन क्षमता लगातार प्रभावित हो रही है, जिससे किसानों की आर्थिकी पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। दोनों ही गांवों में यूएनडीपी के वित्तीय सहयोग से जलवायु सहिष्णु कृषि और आजीविका आधारित परियोजना संचालित की जा रही है, जिसके तहत चयनित ग्रामों को आदर्श ग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना समन्वयक कुंदन सिंह बिष्ट ने चिया की गतिविधियों की जानकारी साझा की। परियोजना सहायक डॉ. फलक सिद्दीकी ने किसानों को जैविक खेती अपनाने पर जोर देते हुए उसके लाभ गिनाए। इस अवसर पर फील्ड सहायक मनीषा पंत, ग्राम प्रधान पुष्पा देवी, सरपंच अनूप सिंह करायत, नवीन चंद्र, गोपाल सिंह, देवेंद्र सिंह करायत समेत कई किसान मौजूद रहे।