कुमाऊंनी भाषा क्लब की ओर से हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने कुमाऊंनी बोली के संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बोलचाल में कुमाऊंनी बोली का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाए।
कुमाऊंनी भाषा, संस्कृति के विकास में युवाओं की भूमिका विषय पर हुई गोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि कुमाऊंनी बोली को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि आम बोलचाल में कुमाऊंनी बोली का अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए। इससे कुमाऊंनी भाषा के प्रचार-प्रसार को बल मिलेगा।
उन्होंने कहा कि कुमाऊंनी बोली के संरक्षण के लिए युवाओं को आगे आना होगा। डा. चंद्रप्रकाश फुलोरिया ने कहा कि युवा बोलचाल में कुमाऊंनी बोली का अधिक से अधिक प्रयोग करें ताकि कुमाऊंनी बोली को बढ़ावा मिल सके। क्लब के नगर अध्यक्ष दीपेश पंत ने कुमाऊंनी बोली को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग की।
इस मौके पर अनिल डफौटी, विवेक जोशी, दीपक शाह, विरेंद्र रौतेला, सोनू सिंह, मयंक तिवारी, धीरज सिंह बिष्ट, योगेश सनवाल, सुनील जोशी, नवल असवाल, गौरव कुमार, ललित सतवाल, संजय जोशी, राकेश सतवाल, कृष्णा तिवारी, संतोष कुमार, हरीश सिंह, रोहित बिष्ट आदि मौजूद थे।