जिला अस्पताल के बाहर अपनी बारी के इंतजार में बैठे मरीज।
- फोटो : amar ujala
रेडियोलॉजिस्ट की ड्यूटी इमरजेंसी में लगाए जाने के कारण जिला अस्पताल में शुक्रवार अल्ट्रासाउंड नहीं हुए। अस्पताल पहुंचे मरीजों को बगैर अल्ट्रासाउंड कराए वापस लौटना पड़ा। वहीं बाल रोग विशेषज्ञ और जनरल सर्जन भी कई दिनों से अवकाश पर हैं। विशेषज्ञ डॉक्टरों के न होने से बीमार लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
जिला अस्पताल में शुक्रवार को 393 ओपीडी हुई। अस्पताल में बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। इनमें से कई मरीज अल्ट्रासाउंड कराने पहुंचे हुए थे। लेकिन रेडियोलॉजिस्ट की ड्यूटी इमरजेंसी में लगी होने के कारण उन्हें बिना अल्ट्रासाउंड कराए ही वापस लौटना पड़ा। बाद में कई मरीज अल्ट्रासाउंड कराने बेस अस्पताल गए। बाल रोड विशेषज्ञ न होने बच्चों को दिखाने पहुंचे लोग भी मायूस नजर आए। अस्पताल में तैनात सर्जन लंबे समय से अवकाश में होने के कारण मरीजों को दिक्कतें उठानी पड़ रही है।
इन दिनों मौसम बदलने के कारण मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। खासकर बच्चे और बुजुर्ग बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। अस्पताल के पीएमएस डॉ. आरसी पंत ने बताया कि बच्चों के डाक्टर देहरादून में ट्रेनिंग में गए हुए हैं। सर्जन लंबे समय के लिए अवकाश पर गए हुए हैं। जबकि इमरजेंसी डाक्टर के अवकाश में रहने के कारण रेडियोलॉजिस्ट को इमरजेंसी की ड्यूटी सौंपी गई है।