फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आस्था के केंद्र मृत्युंजय भैरव मंदिर के गर्भग्रह से शिवलिंग उखाड़ ले गए अज्ञात तत्व

विज्ञापन
मृत्युंजय मंदिर के अंतर्गत भैरव मंदिर में इसी स्थान से उखाड़ा गया है शिवलिंग। संवाद न्यूज एजेंस? - फोटो : RANIKHET
विज्ञापन
द्वाराहाट (अल्मोड़ा)। राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित महामृत्युंजय मंदिर के अंतर्गत भैरव मंदिर से अराजक तत्व शिवलिंग उखाड़कर ले गए। यह मंदिर पुरातत्व विभाग के संरक्षण में है। इसकी देखरेख के लिए यहां कर्मचारी भी नियुक्त किए गए हैं। पुलिस ने मामले की प्राथमिकी दर्ज कर ली है। सूचना के बाद देर शाम एसएसपी पंकज भट्ट मौके पर पहुंचे।
विज्ञापन

उन्होंने पुलिस और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर मामले का शीघ्र खुलासा करने का आश्वासन दिया। मामले के खुलासे के लिए वहां एसओजी की टीम भी तैनात कर दी गई है। पुलिस सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाल रही है। प्रथमदृष्टया मामले में दो से अधिक लोगों के शामिल होने की बात सामने आ रही है।
महामृत्युंजय मंदिर में लोगों की अगाध श्रद्धा है। यहां लोग अक्सर पूजा अर्चना के लिए आते हैं। बुधवार दोपहर जब कुछ लोग वहां पूजा अर्चना के लिए गए तो भैरव मंदिर से शिवलिंग गायब मिला। इससे वहां हड़कंप मच गया। पुरातत्व विभाग के कर्मचारियों को सूचना दी गई। तत्काल पुलिस में मामले की प्राथमिकी दर्ज करा दी गई। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली गई। मंदिर में पहली बार इस तरह की घटना से लोगों की आस्था पर गहरा आघात लगा है।
विज्ञापन

इधर, सूचना के बाद देर शाम एसएसपी पंकज भट्ट मौके पर पहुंचे। उन्होंने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। विधायक महेश नेगी, नगर पंचायत अध्यक्ष मुकुल साह सहित तमाम जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि मामले का शीघ्र खुलासा किया जाएगा। इसके लिए यहां एसओजी की टीम भी तैनात कर दी गई है। खुलासा होने तक एसओजी टीम वहीं तैनात रहेगी।
घटना बुधवार की सुबह 11 बजे की बताई जा रही है। फुटेज में दिख रहा है कि एक युवक मंदिर के पास से भागता हुआ भी दिख रहा है।
दिनदहाड़े शिवलिंग उखाड़े जाने से लोगों में आक्रोश
द्वाराहाट। भैरव मंदिर से शिवलिंग उखाड़कर ले जाने की घटना से लोगों में आक्रोश है। लोग मामले का शीघ्र खुलासा करने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि मंदिर में पुरातत्व विभाग के तीन कर्मचारी तैनात होने बावजूद हुई यह घटना व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रही है। शिवलिंग गायब होने की भनक तक कर्मचारियों को नहीं लगी। स्मारक परिचर नीरू लोहनी ने बताया कि उच्चाधिकारियों को इसकी सूचना दे दी गई है।
1183 में माना जाता है मंदिर का निर्माणकाल
द्वाराहाट। कला और शिल्प के बेजोड़ नमूने पेश करता द्वाराहाट बाजार से दो सौ मीटर पर खीरो नदी के समीप स्थित महामृत्युंजय मंदिर का निर्माण काल 1183 ई. में माना जाता है। 18वीं शताब्दी में रोहिला आक्रमणकारियों ने इसे खंडित कर दिया था। मंदिर को भारतीय पुरातत्व विभाग ने अपने संरक्षण में लेकर विगत कुछ साल पहले इसका जीर्णोद्धार भी किया था। आकृति से विशाल और भव्य इस मंदिर में लोग पूजा अर्चना के साथ-साथ कई धार्मिक अनुष्ठान भी कराते रहते हैं। नागर शैली के शिखर युक्त मंदिर के गर्भ गृह में शिवलिंग स्थापित है। वहीं प्रांगण में भैरव का मंदिर है।

मंदिर परिसर का निरीक्षण करते एसएसपी पंकज भट्ट। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : RANIKHET

द्वाराहाट का मृत्युंजय मंदिर। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : RANIKHET

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें