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Almora News: सड़क पर लावारिस पशुओं का डेरा, जिम्मेदारों ने मुंह फेरा

Sat, 29 Jul 2023 11:44 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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रानीखेत-रामनगर सड़क पर सौनी के पास लावारिस जानवरों का डेरा। संवाद
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रानीखेत। रानीखेत-रामनगर हाईवे पर सौनी के पास लावारिस पशुओं ने डेरा जमाया है जो दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। लावारिस पशुओं के जमावड़े से जहां आए दिन जाम लग रहा है तो वहीं विद्यार्थी खतरे के बीच स्कूल पहुंच रहे हैं। ये विद्यार्थियों पर हमला कर रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है।
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रानीखेत-रामनगर हाईवे पर सौनी गांव के पास 50 से अधिक लावारिस पशुओं का लंबे समय से जमावड़ा लगा है। आपसी लड़ाई के दौरान ये जानवर कई बार वाहनों से टकरा गए हैं, जिससे दो पहिया वाहन चालक चोटिल हो चुके हैं। दिन में कई जानवर खेतों में घुसकर फसल बर्बाद कर रहे हैं, जिससे किसानों को भी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
ग्राम प्रधान विक्रम उपाध्याय ने बताया कि लावारिस जानवर रोज रात को लोगों के घरों के बाहर खड़े हो रहे हैं, इससे तेंदुए का खतरा भी बना हुआ है। संवाद

टैग लगे जानवर भी घूम रहे हैं लावारिस
रानीखेत। इनमें से अधिकतर जानवरों में टैग लगा है, जिससे इनके मालिकों की आसानी से पहचान हो सकती है। लेकिन इसके प्रति गंभीरता नहीं दिखाई जा रही। जिम्मेदार महकमे बेखबर हैं और इसकी कीमत किसानों, यात्रियों और विद्यार्थियों को चुकानी पड़ रही है। संवाद
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बोले लोग
लावारिस जानवर दुर्घटना का कारण बन रहे हैं। कुछ दिन पहले एक बाइक को आवारा जानवरों ने गिरा दिया था, जिससे चालक चोटिल हो गया। - मोहित।
ये लावारिस जानवर लोगों को किसी न किसी तरीके से नुकसान पहुंचा रहे हैं। प्रशासन को इन्हें यहां से तत्काल हटाना चाहिए। - गोविंद सिंह


यदि किसी लावारिस जानवर में टैग लगा है तो उसके मालिक की सूचना पशु चिकित्सालय से प्राप्त कि जा सकती है। इन्हें हटाने की कार्रवाई ग्राम या जिला पंचायत स्तर से ही संभव है। - जयपाल करगेती, पशु चिकित्साधिकारी, ताड़ीखेत।

जंगली सुअर फसलों को कर रहे नष्ट, काश्तकार परेशान
गरुड़ (बागेश्वर)। बैजनाथ और गढ़खेत रेंज के अंतर्गत जंगली सुअर खेतों में खड़ी फसल को नष्ट कर रहे हैं। सुअरों का झुंड आए दिन आबादी में पहुंच जाता है और खेतों में साग सब्जी के पौधों को नष्ट कर देता है। कौसानी, सौली, लौबांज, दियोरड़ा, सौली, बदरीनाथ, डोबा, नौघर के काश्तकारों ने वन विभाग से जंगली सुअरों से निजात दिलाने की मांग की है। रेंजर हरीश खर्कवाल ने बताया कि जंगली सुअरों को मारने का कुछ समय पहले वन विभाग ने काश्तकारों को मारने का अधिकार दिया था। अब वापस ले लिया है।
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