रानीखेत उप जिला चिकित्सालय में मरीजों की नेत्र जांच करते स्वास्थ्य कर्मी। संवाद
रानीखेत। रानीखेत में नगर से लेकर गांवों तक लोग आई फ्लू की चपेट में हैं। हालात ये हैं कि बीते तीन दिनों में उप जिला चिकित्सालय में जांच के बाद आई फ्लू के 40 मामले सामने आए हैं। अब भी यह सिलसिला जारी है जिससे चिकित्सक चिंतित हैं।
मानसून काल में डायरिया, वायरल के बाद अब आई फ्लू के बढ़ते प्रकोप से लोगों के साथ स्वास्थ्य विभाग परेशान है। रानीखेत में इस बीमारी का प्रकोप अधिक है। उप जिला चिकित्सालय के नेत्र चिकित्सकों के अनुसार हर रोज औसतन इस रोग से जूझते 12 से अधिक मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। बीते तीन दिनों में आई फ्लू से जूझते हुए 40 लोग अस्पताल पहुंचे हैं। चिकित्सकों के मुताबिक इससे ग्रसित लोगों को सावधानी बरतनी होगी अन्यथा इनके संपर्क में आने वाले अन्य लोग भी आई फ्लू की चपेट में आ सकते हैं। नेत्र चिकित्सक डॉ. दीप प्रकाश पार्की ने बताया कि यह आंखों का संक्रमण है जो अन्य लोगों में भी फैल सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्कता बरतनी होगी। संक्रमित मरीज को डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। किसी भी आई ड्रॉप का प्रयोग गंभीर हो सकता है।
लक्षण
- आंखों का लाल होना, जलन, खुजली, दर्द होना, सुबह के समय पलकों का चिपकना, सूजना, बच्चों में बुखार की शिकायत।
बचाव
बार बार हाथ साबुन से धोते रहें। आंखों को ठंडे और शुद्ध पानी से धोना, धूप में काले चश्मे का प्रयोग, संक्रमित व्यक्ति के साबुन, तौलिया का इस्तेमाल न करें। संक्रमित बच्चे स्कूल नहीं जाएं।