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Almora News: स्थायी राजधानी और सशक्त भू-कानून के लिए सड़कों पर उतरे उक्रांद कार्यकर्ता

Sun, 28 Dec 2025 10:29 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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रानीखेत (अल्मोड़ा)। अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच, स्थायी राजधानी गैरसैंण और सशक्त भू-कानून की मांग को उत्तराखंड क्रांति दल ने जनाक्रोश रैली निकालकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया। उक्रांद कार्यकर्ताओं ने कहा कि मामले में सामने आ रहे नए वीआईपी नामों की निष्पक्ष जांच जरूरी है। जब तक सभी दोषियों को कड़ी सजा नहीं मिलती, तब तक न्याय अधूरा है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बेटी बचाओ का नारा देने वाली सरकार में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं।
स्थायी राजधानी गैरसैंण, सशक्त भू-कानून और मूल निवास 1950 लागू करने की मांग को लेकर रविवार को रानीखेत में निकाली गई रैली सुबह विजय चौक से शुरू होकर मुख्य बाजार, केमू स्टेशन होते हुए तहसील परिसर पहुंची। इस दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा गया। ज्ञापन में गैरसैंण को स्थायी राजधानी घोषित करने, मूल निवास 1950 लागू करने तथा रानीखेत और रामगंगा को अलग जिला बनाए जाने की मांग उठाई गई। नेताओं ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने बारी-बारी से सत्ता में रहकर उत्तराखंड की जनता को छलने का काम किया है।
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गांधी चौक पर आयोजित सभा में गुलदार, जंगली सूअर व भालू के बढ़ते आतंक से निजात, बेरोजगारी और पलायन रोकने तथा सशक्त भू-कानून लागू करने की मांग प्रमुखता से उठी। रैली में केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष कुंदन सिंह, जिलाध्यक्ष जगदीश रौतेला, पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, महिला प्रकोष्ठ की मेजर संतोष भंडारी, तुला सिंह तड़ियाल, आशुतोष नेगी, कुंदन सिंह नेगी, शिवराज सिंह मेहरा, कुंदन सिंह बिष्ट, राजेंद्र रौतेला, वीरेंद्र बजेठा, पान सिंह रावत, मदन कठायत, प्रह्लाद नेगी, गणेश नाथ, जेपी सिंह, प्रयाग शर्मा, नरेंद्र सिंह, अनीता देवी, आनंद नाथ, लक्ष्मण सिंह, जगत सिंह, हरीश पांडे सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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स्वास्थ्य सेवाओं पर भी उठे सवाल
रानीखेत (अल्मोड़ा)। सभा के दौरान प्रदेश की लचर स्वास्थ्य सेवाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। वक्ताओं ने कहा कि बड़े अस्पतालों में न्यूरो और कार्डियो जैसे विशेषज्ञों की भारी कमी है, जिससे पहाड़ के मरीजों को इलाज के लिए मैदानी क्षेत्रों की दौड़ लगानी पड़ती है। उक्रांद ने मांग की कि जिला और मंडलीय अस्पतालों में शीघ्र विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की जाए, ताकि लोगों को अपने ही क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। संवाद

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