अल्मोड़ा गांधी पार्क में धरना देते उक्रांद कार्यकर्ता।
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राज्य की राजधानी गैरसैंण बनाने समेत अन्य मांगों को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल कार्यकर्ताओं ने सोमवार को गांधी पार्क में धरना दिया। इस मौके पर वक्ताओं ने कहा कि राज्य निर्माण के लिए कई लोगों ने शहादत दी, लेकिन प्रदेश में सत्तारूढ़ रहीं सरकारों ने अब तक जनभावनाओं के अनुरूप गैरसैंण को राजधानी घोषित नहीं किया।
वक्ताओं ने कहा कि राज्य की राजधानी गैरसैंण बनाने का संकल्प उक्रांद ने 1992 में पारित किया था। राज्य के बुद्धिजीवियों, जनप्रतिनिधियों, वैज्ञानिकों ने स्थायी राजधानी के लिए गैरसैंण को उपयुक्त पाया है। उत्तराखंड की जनता के लिए गैरसैंण एक स्थान नहीं बल्कि राज्य बनाने की जो अवधारणा थी उसका प्रतीक है। गैरसैंण राजधानी बनने पर ही राज्य का समुचित विकास संभव है। उन्होंने कहा कि जनता ने राज्य बनाने के लिए शहादतें दीं, यदि जल्द राज्य की राजधानी गैरसैंण घोषित नहीं की गई तो जनता पुन: संघर्ष को तैयार है। कार्यकर्ताओं ने मांगों को लेकर नारेबाजी भी की।
पार्टी ने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर जनभावनाओं के अनुरूप तत्काल गैरसैंण को राजधानी बनाने की मांग की है। धरने पर केंद्रीय उपाध्यक्ष महेश परिहार, जिलाध्यक्ष दीवान बनौला, केंद्रीय युवा उपाध्यक्ष गिरीश नाथ गोस्वामी, युवा जिलाध्यक्ष हरीश चंद्र जोशी, दिनेश जोशी, गोपाल सिंह बनौला, गोपाल मेहता, कुंदन कनवाल, गिरीश साह, कमलेश जोशी, तारा राम, पूरन सिंह, लक्ष्मण सिंह, आनंद सिंह, उदय महरा, रानीखेत जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह, क्षेत्र पंचायत सदस्य महेशानंद नैनवाल आदि ने आदि शामिल हुए।