द्वाराहाट में प्रदर्शन करते उक्रांद कार्यकर्ता।
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विकास प्राधिकरण और तमाम क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर उक्रांद सोमवार को सड़कों पर उतर आया। तहसील घेराव के साथ प्रदर्शन भी किया गया। बाद में प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा और ग्रामीण क्षेत्रों में प्राधिकरण को खत्म करने की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने राज्य की स्थायी राजधानी गैरसैंण चंद्रनगर घोषित करने की मांग भी जोरशोर से उठाई।
पूर्व प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत उक्रांद कार्यकर्ताओं ने जिला विकास प्राधिकरण और अन्य समस्याओं को लेकर यहां प्रदर्शन किया। बाद में कार्यकर्ता तहसील जा धमके वहां भी धरना प्रदर्शन किया गया। कहा कि भाजपा और कांग्रेस ने राज्य को गर्त में धकेल दिया है। राज्य बनने के 18 सालों बाद भी स्थायी राजधानी नहीं बन सकी है। जबकि उक्रांद ने 1992 में ही गैरसैंण चंद्रनगर को स्थायी राजधानी बनाने के लिए शिलान्यास भी कर दिया था।
हाट बासुलीसेरा में उपजाऊ कृषि भूमि पर विद्युत विभाग ,द्वारा जबरन 132 केवी की लाइन डाले जाने पर भी आक्रोश जताया गया। बीटीकेआईटी से संबंध भौंरा, डढोली, धर्मगांव, ब्लाक, पॉलीटेक्निक आदि गांवों की पेयजल आपूर्ति बहाल करने, नट्टागुल्ली, बवांस, धौंणा को द्वाराहाट पुनर्गठन पेयजल योजना से जोड़ने जीजीआईसी उभ्याड़ी को यथावत बनाए रखने, पूर्व स्वीकृत मोटर मार्गों का निर्माण कार्य शुरू करने सहित तमाम मांगें उठाईं। कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए जिला विकास प्राधिकरण बेहद घातक है, ग्रामीण बमुश्किल गुजर बसर चलाते हैं, ऐसे में प्राधिकरण के कर वह सहन नहीं कर पाएंगे। तहसील में नारेबाजी के साथ प्रदर्शन कर राज्यपाल को ज्ञापन सौंपा गया।