अल्मोड़ा। लंबे समय तक अमर उजाला समाचार पत्र से जुड़े रहे वरिष्ठ पत्रकार स्व. दीप जोशी को समर्पित पुस्तक ‘उजाले अपनी यादों के’ का बुधवार को शारदा पब्लिक स्कूूल के सभागार में विमोचन किया गया। दीप जोशी के सहयोगी रहे फिल्म निर्देशक/वरिष्ठ पत्रकार विनोद कापड़ी, वरिष्ठ लेखक/ गद्यकार अशोक पांडे, लेखक/रचनाकार गिरीश लोहनी ने दीप जोशी की कुछ चुनिंदा रिपोर्टों को संकलित कर पुस्तक तैयार की है। विमोचन कार्यक्रम में नगर के कई वरिष्ठ पत्रकार, शिक्षाविद और प्रबुद्धजनों ने दीप जोशी से जुड़ीं यादों को साझा किया। आकाशवाणी अल्मोड़ा के निदेशक प्रत्युल जोशी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे।
स्व. दीप जोशी करीब 20 वर्षों तक अमर उजाला से जुड़े रहे। अमर उजाला बरेली, हल्द्वानी, भीमताल और अल्मोड़ा में उन्होंने अपनी सेवाएं दीं। सांस्कृतिक नगरी होने के कारण दीप जोशी को अल्मोड़ा से बेहद लगाव था। इसलिए यहां पर सबसे अधिक समय तक उन्होंने काम कर संस्कृति का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत करने संबंधी लेख लिखे। करीब एक वर्ष पूर्व दीप जोशी का देहांत होने के बाद उनकी पत्नी डॉ. हेमा जोशी ने दीप जोशी की लिखी खबरों को संग्रह कर उन्हें एक किताब का रूप देेने का सपना देखा। इसके लिए उन्होंने विनोद कापड़ी से संपर्क किया। इसके बाद कई लोगों के सहयोग से पुस्तक को पूरा कर उसका विमोचन किया गया।
पुस्तक में दीप जोशी की जन सरोकार, पर्यावरण, कला व संस्कृति, समाज, विरासत और अल्मोड़ा पर लिखी चुनिंदा रिपोर्टें संकलित हैं। पुस्तक के संपादन में वरिष्ठ छायाकार जयमित्र सिंह बिष्ट, शशिभाल सिंह भानु, करण डबराल का भी विशेष सहयोग मिला। ज्ञान प्रेस बरेली से पुस्तक को मुद्रित और किताबघर अल्मोड़ा से प्रकाशित किया गया है। विमोचन कार्यक्रम में शारदा पब्लिक स्कूल के बच्चों ने भी दीप जोशी के प्रिय गीत जिंदगी का साथ निभाता चला गया... की प्रस्तुति देकर लोगों को भाव विभोर किया।
हर किसी ने कहा, व्यक्तित्व के धनी थे दीप
अल्मोड़ा। स्व. दीप जोशी को लेकर अनेक लोगों ने अपने विचार रखे। हर किसी के विचार में दीप जोशी को लेकर एक समानता थी कि दीप व्यक्तित्व के धनी थे। एक ईमानदार, निष्पक्ष और खुशमिजाज पत्रकार के रूप में उन्होंने अपनी अलग छवि अल्मोड़ा में बनाई थी। उनका हंसमुख अंदाज लोगों को इतना पसंद था कि कोई भी उनसे एक बार मिलने के बाद दोबारा मिलना चाहता था।
अशोक पांडे ने दीप जोशी के बारे में कहा कि उनके विचार और सरोकारों का दायरा बेहद विस्तृत था। विनोद कापड़ी ने कहा कि दीप एक जिला पत्रकार था पर गुमनाम नहीं था। अल्मोड़ा, कुमाऊं, उत्तराखंड और यूपी, दीप जोशी और उनकी खबरों को जानता था। नवीन बिष्ट ने कहा कि दीप पत्रकार ही नहीं अच्छे रंगकर्मी, सामाजिक कार्यकर्ता और नेक दिल इंसान भी थे। जयमित्र बिष्ट ने कहा कि दीप जोशी एक मंझे हुए पत्रकार के साथ एक सधे हुए छायाकार भी थे। खबरों के साथ ही फोटो का भी उन्हें बारीकी से ज्ञान था। स्व. दीप जोशी की पत्नी डॉ. हेमा जोशी ने कहा कि आज उनका सपना साकार हुआ है और पुस्तक के रूप में वह दीप जोशी को जीवंत देख पा रहीं हैं। आकाशवाणी अल्मोड़ा के निदेशक प्रत्युल जोशी ने पत्रकारिता को लेकर कई बिंदुओं पर अपने विचार रखे। अल्मोड़ा जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष और शारदा पब्लिक स्कूल के निदेशक शेखर लखचौरा ने भी दीप जोशी के साथ जुड़ीं उनकी यादों को साझा किया। दीप जोशी के पुत्र विक्रांत जोशी ने सभी का आभार व्यक्त किया।