रानीखेत (अल्मोड़ा)। रानीखेत तहसील क्षेत्र के दो होनहार भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट बने हैं। इनमें एक विकासखंड ताड़ीखेत के ग्राम शिशुवा निवासी अभिनव पांडे, तो दूसरे ग्राम सिमोली (चौबटिया) निवासी साकेत बिष्ट हैं। जिन्होंने शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से पासिंग आउट परेड में भाग लेकर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन प्राप्त किया। उन्होंनेे क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
आयोजित पासिंग आउट परेड के बाद ब्लाक ताड़ीखेत के ग्राम शिशुवा निवासी अभिनव पांडे के पिता की आंखों में गर्व के आंसू छलक आए। परेड के बाद परंपरानुसार माता-पिता ने बेटे के कंधों पर सितारे सजाए। अभिनव के बड़े भाई अनुभव पांडे भी सेना में कैप्टन के पद पर तैनात हैं। उनके पिता दिनेश चंद्र पांडे ताड़ीखेत ब्लॉक व हवालबाग प्रसार प्रशिक्षण केंद्र के प्रशासनिक अधिकारी हैं, जबकि माता गीता पांडे राजकीय प्राथमिक विद्यालय गाड़ी में सहायक अध्यापिका हैं। अभिन्नव के चयन पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन मेहरा, एसडीएम राहुल आनंद, बीडीओ तारा चंद्र, हेमंत मेहरा, त्रिभुवन वर्मा, हीरा रावत आदि ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है।
सिमोली के लाल साकेत ने रोशन किया क्षेत्र का नाम
रानीखेत (अल्मोड़ा) ग्राम सिमोली (चौबटिया) निवासी साकेत बिष्ट ने शनिवार को भारतीय सैन्य अकादमी देहरादून से पासिंग आउट परेड में भाग लेकर भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर कमीशन प्राप्त किया। अब वे सेना की प्रतिष्ठित 159 मीडियम रेजिमेंट (आर्टिलरी) का हिस्सा बन गए हैं।
साकेत बिष्ट ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा आर्मी पब्लिक स्कूल, मेरठ से प्राप्त की थी। इसके उपरांत उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी पुणे से सैन्य प्रशिक्षण प्राप्त किया। पासिंग आउट परेड के पश्चात आयोजित हुई पिपिंग सेरेमनी में उनके माता-पिता ने गर्व के साथ उनके कंधों पर स्टार लगाए। यह क्षण पूरे परिवार के लिए अत्यंत भावुक और गौरवपूर्ण रहा। साकेत बिष्ट के पिता नवीन बिष्ट वर्तमान में आर्मी सब एरिया हेड क्वार्टर, देहरादून में कार्यरत हैं, जबकि माता रश्मि बिष्ट एलआईसी की अभिकर्ता हैं। साकेत की इस उपलब्धि से उनके गृह क्षेत्र में हर्ष और गर्व का माहौल है। संवाद