मुख्यमंत्री हरीश रावत के गृह क्षेत्र चौनलिया स्थित राजीव नवोदय विद्यालय के करीब 300 छात्र-छात्राएं पानी की समस्या से परेशान हैं। इस आवासीय स्कूल में पीने का पानी भी मुश्किल से मिल पाता है। बच्चों को कपड़े धोने और नहाने आदि के लिए दो किमी दूर नवाड़ गधेरे से पानी लाना पड़ता है। अभिभावकों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर शीघ्र पानी की समस्या का समाधान करने की मांग की है।
जिले के एकमात्र राजकीय राजीव नवोदय विद्यालय चौनलिया (भिकियासैंण) की स्थापना 2006 में हुई थी। शुरू से ही यह विद्यालय पानी के संकट से जूझ रहा है। विद्यालय का भवन बनाने के लिए निर्माणकर्ताओं ने नवाड़ गधेरे से अस्थाई तौर पर लाइन डाली थी। आज भी इसी पानी से काम चलाया जा रहा है। इससे काफी कम पानी उपलब्ध हो पाता है जो किसी तरह छात्र-छात्राओं के पीने के लिए ही पर्याप्त हो पाता है। बच्चों के नहाने-धोने आदि के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पाता। गर्मियों में कई बार छात्र-छात्राएं बहुत परेशान हो जाते हैं। इन दिनों भी बच्चे हर रोज छुट्टी के बाद ढाई किमी दूर नवाड़ गधेरे से पानी ढोते हैं।
रविवार को अल्मोड़ा से कुछ अभिभावक बच्चों से मिलने चौनलिया पहुंचे तो सभी बच्चे तब नवाड़ गधेरे में पानी लेने गए थे। इन अभिभावकों ने सोमवार को जिला प्रशासन के अधिकारियों को ज्ञापन देकर वहां की स्थिति से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि नवाड़ गधेरे में श्मशान घाट भी है, जिससे बच्चे डरते हैं। ढाई किमी दूर से पानी लाने के दौरान बच्चों के साथ हादसा भी हो सकता है। विद्यालय में पिछले नौ साल में आठ प्रधानाचार्य बदल चुके हैं। वहां शौचालयों की कमी है और चहारदीवारी भी नहीं है। बच्चों को भोजन भी मानक के अनुसार नहीं मिल रहा है। ज्ञापन देने वालों में विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष दर्शन सिंह कड़ाकोटी, ईश्वर जोशी, चंद्रशेखर पाठक, हेमा भाकुनी, बसंत राम आदि शामिल थे।