शहर में विभिन्न स्थानों पर देर रात तक रामलीला मंचन जारी है। रामलीलाओं में काफी भीड़ उमड़ रही है। विभिन्न स्थानों पर रामलीला मंचन में राम-केवट संवाद, सूर्पणखा नासिका छेदन, त्रिसरा वध और लंका दहन के प्रसंग आकर्षण का केंद्र रहे। एनटीडी में बृहस्पतिवार रात श्रीराम-केवट मिलन, श्रवण कुमार की मातृ-पितृ भक्ति, भरत-शत्रुघ्न-कैकई संवाद, शत्रुघ्न-मंथरा संवाद का मंचन हुआ। नदी पार कराने के बाद केवट का श्रीराम से संवाद ‘तुम आए हम घाट उतारे, हम आएंगे घाट तुम्हारे।
तब तुम पार लगायो राम...’ खूब सराहा गया। वहीं हुक्का क्लब में सूर्पणखा नासिका छेदन, खर-दूषण वध, सीता हरण, माया दुदुंभी प्रसंग, बाली वध, सीता की खोज, हनुमान जागर, विभीषण-हनुमान संवाद, अशोक वाटिका प्रसंग, अक्षय कुमार वध, हनुमान रावण संवाद, लंका दहन के प्रसंग मंचित किए गए। उधर, नंदादेवी की रामलीला में हनुमान रावण संवाद, लंका दहन का मंचन हुआ। कर्नाटकखोला में रामलीला के ढठे दिन सूर्पणखा नासिका छेदन, खर-दूषण वध, त्रिसरा वध समेत अन्य प्रसंगों का मंचन किया गया।
अंजलि गुसाई ने सूर्पणखा का शानदार अभिनय कर खूब तालियां बटोरी। कर्नाटकखोला में राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, सीता, कैकेई, सुमित्रा, कौशल्या, सूर्पणखा के पात्रों का अभिनय बालिकाएं कर रही हैं। इससे पहले मुख्य अतिथि राज्यसभा सांसद प्रदीप टम्टा ने रामलीला का उद्घाटन करते हुए कहा कि बालिकाओं द्वारा अभिनय करना सराहनीय है। उन्होंने कहा बालिकाओं को बालकों की तरह स्वतंत्रता दी जानी जरूरी है, ताकि वह समाज में अपनी योग्यता सिद्ध कर सकें।
धारानौला में सूर्पणखा नासिका छेदन, खर-दूषण वध, त्रिसरा वध, सीता हरण का मंचन किया गया। त्रिसरा के पात्र मनोज सनवाल ने शानदार अभिनय कर दर्शकों की वाहवाही लूटी। इससे पहले मुख्य अतिथि बार एसो. के पूर्व अध्यक्ष शेखर लखचौरा, विशिष्ट अतिथि नगर व्यापार मंडल के पूर्व अध्यक्ष संजय साह रिक्खू और दशहरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष अजीत कार्की ने मंचन का शुभारंभ किया। उधर, राजपुरा, सरकार की आली, खत्याड़ी आदि स्थानों पर भी रामलीला जारी है।