डीडीए के खिलाफ प्रदर्शन करते लोग।
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अल्मोड़ा। जिला विकास प्राधिकरण को लेकर लोगों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसे समाप्त करने की मांग को लेकर लोग यहां गांधी पार्क में ठंड के बावजूद धरने पर डटे रहे। वक्ताओं ने कहा कि तीन साल पहले सरकार ने तुगलकी फरमान जारी कर पूरे पर्वतीय क्षेत्र में प्राधिकरण को लागू कर दिया, जिससे लोग परेशान हैं। सर्वदलयी संघर्ष समिति के संयोजक ने प्राधिकरण लागू करने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया।
सर्वदलीय संघर्ष समिति ने यहां चौहानपाटा स्थित गांधी पार्क में कड़ाके की ठंड के बावजूद धरना दिया। संयोजक नगरपालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने इसे उत्तराखंड सरकार का तुगलकी फरमान करार दिया। कहा कि जनता को विश्वास में लिए बगैर प्राधिकरण को लागू कर दिया गया।
कांग्रेस नगर अध्यक्ष पूरन सिंह रौतेला ने कहा विकास प्राधिकरण को खत्म किया जाना चाहिए। कहा कि एक और सरकार पलायन रोकने की बात कर रही है, दूसरी तरफ प्राधिकरण के माध्यम से पलायन को बढ़ावा दिया जा रहा है। हर्ष कनवाल ने कहा कि भवन निर्माण होते ही प्राधिकरण के नोटिस दिए जा रहे हैं।
प्रताप सत्याल ने कहा कि प्राधिकरण के शुल्क के नाम पर जनता से जो भारी भरकम फीस वसूली जा रही है। अध्यक्षता उपपा के केंद्रीय सचिव आनंदी वर्मा ने और संचालन कांग्रेस जिला प्रवक्ता राजीव कर्नाटक ने किया। धरने पर कांग्रेस नगर अध्यक्ष पूरन सिंह रौतेला, पूरन सिंह मेहरा, हर्ष कनवाल, राजू गिरि,चन्द्रमणि भट्ट, दिनेश जोशी, एमसी कांडपाल, हर्ष सिंह,चंद्रकांत जोशी, लक्ष्मण सिंह ऐठानी, सभासद हेम चंद, वरिष्ठ अधिवक्ता पीसी तिवारी और भावना पांडे भी मौजूद रहीं।