एसएसजे परिसर अल्मोड़ा के योग शिक्षा विभाग की ओर से योग विभाग में वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों का चिकित्सकीय अनुप्रयोग विषय पर आयोजित दस दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला में तीसरे दिन एक्यूप्रेशर चिकित्सा प्रणाली से रोगियों का इलाज किया गया।
प्रतिभागियों को मांसपेशियों की ऐंठन, जकड़न, अपच, सिर दर्द, दिल के रोग, कब्ज, जोड़ों के दर्द, साईटिका, किडनी की बीमारी, दमा, पीठ दर्द आदि रोगों को ठीक करने की तकनीक बताई गई। एक्यूप्रेशर विशेषज्ञ डॉ. अमृत लाल गुरुवेंद्र ने कहा कि शरीर में कई ऐसे प्रेशर बिंदु होते हैं जिनका संबंध शरीर के दूसरे भागों से होता है। हाथ और पैरों में कुछ विशेष बिंदुओं को दस से 15 बार दबाव देकर विभिन्न रोगों का इलाज किया जाता है। एक्यूप्रेशर कारगर चिकित्सा प्रणाली है।
योग विभागाध्यक्ष डॉ. नवीन भट्ट ने बताया कि कार्यशाला में प्रतिभागियों को चिकित्सा पद्धतियों में दक्ष कर स्वास्थ्य रक्षक बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 18 अप्रैल को शाम चार से पांच बजे तक प्राण चिकित्सा द्वारा रोगियों का उपचार किया जाएगा। कार्यशाला में डॉ. प्रेमप्रकाश पांडेय, डॉ. लल्लन कुमार सिंह, हेमलता अवस्थी, डॉ. ललित जोशी, चंदन बिष्ट, मनोज गिरी गोस्वामी, गौरव पांडेय, ललित मोहन जोशी, ऋतु पांडेय, पवन जोशी, प्रदीप जोशी, संदीप नयाल, प्रियंका जोशी, नेहा बिष्ट, अखिलेश मिश्रा, मोहित जाट, मोहित कुमार, अनीता बिष्ट, यमुना प्रसाद, नरेंद्र कुमार आदि मौजूद थे।