अल्मोड़ा। वीकेंड पर कैंची धाम में उमड़े आस्था के सैलाब के आगे कुमाऊं की पूरी परिवहन और यातायात व्यवस्था ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। हाईवे पर लगे भीषण जाम के कारण अल्मोड़ा से हल्द्वानी का महज साढ़े तीन घंटे का सफर आठ से नौ घंटे के लंबे और थकाऊ इंतजार में बदल गया। जाम का असर इस कदर रहा कि अल्मोड़ा से हल्द्वानी जाने वाली रोडवेज और केमू की बसों को वाया रामगढ़ भेजना पड़ा। इस रूट डाइवर्जन ने न सिर्फ यात्रियों का सफर 23 किमी लंबा कर दिया बल्कि उनकी जेब पर 50 रुपये का अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी डाल दिया।
जाम और रूट डाइवर्जन की इस दोहरी मार से पहाड़ के तीन जिलों के यात्री दिनभर बेहाल नजर आए। रविवार को वीकेंड के चलते कैंची धाम में सुबह से ही देश-दुनिया से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने लगी थी। देखते ही देखते भवाली-अल्मोड़ा हाईवे वाहनों की लंबी कतारों से पट गया और पूरी यातायात व्यवस्था रेंगने पर मजबूर हो गई। इस महाजाम में फंसने के कारण अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों से हल्द्वानी, काठगोदाम और मैदानी क्षेत्रों की ओर जा रहे हजारों यात्रियों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ा। जाम की भयावह स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने अल्मोड़ा से हल्द्वानी की ओर जाने वाली केमू और रोडवेज की बसों को मुख्य मार्ग के बजाय वाया रामगढ़ होकर गंतव्य की ओर रवाना किया। इस वैकल्पिक मार्ग से जाने के कारण बसों को 23 किमी का अतिरिक्त फेरा (दूरी) लगाना पड़ा, जिससे सफर का समय और ज्यादा बढ़ गया। अचानक बदले गए इस लंबे रूट के कारण यात्रियों को सफर में समय गवाने के साथ-साथ अपनी जेब भी ज्यादा ढीली करनी पड़ी। रूट लंबा होने के कारण बसों में प्रति यात्री 50 का अतिरिक्त किराया वसूला गया।
किराया वृद्धि
• केमू बस: सीधे रूट का सामान्य किराया 210 है, जो वाया रामगढ़ जाने पर 260 वसूला गया।
• रोडवेज बस: सीधे रूट का सामान्य किराया 205 है, जो लंबे रूट से जाने पर 255 हो गया।
बोले यात्री
कैंची धाम के जाम ने पूरा गणित बिगाड़ दिया। पहले तो बस रेंगती रही, फिर रूट बदलकर रामगढ़ की तरफ डाल दिया। करीब नौ घंटे बस में बैठे-बैठे कमर टूट गई। ऊपर से कंडक्टर ने जेब पर 50 का अतिरिक्त बोझ भी डाल दिया। वीकेंड पर प्रशासन को ट्रैफिक का पहले से इंतजाम करना चाहिए। -रमेश चंद्र, अल्मोड़ा
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23 किमी का अतिरिक्त चक्कर काटना तो परेशानी भरा था ही, साथ ही 50 रुपये किराया भी ज्यादा देना पड़ा। हम जैसे मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए अचानक जेब से अतिरिक्त पैसे जाना और सफर में कई घंटे लेट होना बेहद मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना जैसा है। - दीपा देवी, अल्मोड़ा
कोट
कैंची धाम में जाम के कारण रविवार को अल्मोड़ा से हल्द्वानी जाने वाली बसों को वाया रामगढ़ के रास्ते संचालित करना पड़ा। चूंकि इस वैकल्पिक मार्ग से दूरी बढ़ गई, इसलिए नियमानुसार यात्रियों से 50 रुपये अतिरिक्त किराया लिया गया है। - धर्मानंद जोशी, एजीएम, अल्मोड़ा डिपो