अल्मोड़ा। अल्मोड़ा में पशुपालकों को राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। लंपी वायरस के बीच जिले से आठ पशुधन प्रसार अधिकारियों का स्थानांतरण कर दिया गया है, जबकि इसके सापेक्ष एक की भी तैनाती नहीं हुई है। पहले से ही जिले में पशुधन प्रसार अधिकारियों के 65 प्रतिशत पद खाली हैं। इसी बीच एक साथ आठ पशुधन प्रसार अधिकारियों का स्थानांतरण होने से पशुपालकों के साथ ही विभाग की दिक्कत भी बढ़ गई है।
अल्मोड़ा जिले में पशुधन प्रसार अधिकारी के 105 पद स्वीकृत हैं। यहां महज 40 पशुधन प्रसार अधिकारी तैनात थे। इसी बीच आठ पशुधन प्रसार अधिकारियों का स्थानांतरण अन्य जिलों में कर दिया गया है। पहले ही पशुधन प्रसार अधिकारियों की कमी से 65 पशु सेवा केंद्रों के ताले खुलने मुश्किल थे। अब स्थानांतरण के बाद आठ पशु सेवा केंद्रों में ताले लटकने की आशंका है। जिले में लंपी वायरस के कहर से पशुपालक परेशान हैं।
एक पशु चिकित्सक की भी होनी है तैनाती
अल्मोड़ा। जिले में आठ पशु चिकित्साधिकारियों के स्थानांतरण हुए हैं। इनमें से दो पशु चिकित्सकों को जिले के अस्पतालों में ही तैनाती मिली है। पांच पशु चिकित्सकों का अन्य जिलों से यहां स्थानांतरण हुआ है। ऐसे में एक पशु चिकित्सक की कमी विभाग के साथ ही पशुपालकों को खल रही है।
- स्थानांतरण के सापेक्ष पशु चिकित्सक को जिले को मिले हैं लेकिन पशुधन प्रसार अधिकारियों की कमी है। आठ पशुधन प्रसार अधिकारियों के स्थानांतरण के सापेक्ष फिलहाल एक भी तैनाती नहीं हुई है। शासन स्तर पर स्थानांतरण हुए हैं। -डॉ. उदय शंकर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, अल्मोड़ा।