ई-वे बिल का प्रशिक्षण देते कर आयुक्त।
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राज्य कर विभाग हल्द्वानी की तरफ से यहां व्यापारियों को जीएसटी और ई-वे बिल का प्रशिक्षण दिया गया। हल्द्वानी से पहुंचे सहायक कर आयुक्त विनय कुमार ओझा ने कहा कि देश में एक कर एक बाजार की धारणा को साकार करने के उद्देश्य से ई-वे बिल को राष्ट्र स्तर पर लागू किया जा रहा है। उन्होंने इस बिल में पंजीकरण के तरीके भी व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को बताए। जीएसटी को लेकर व्यापारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में अधिकारियों ने ई-वे बिल और जीएसटी को लेकर व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों को विस्तृत जानकारियां दी, व्यापारियों की कई शंकाओं का समाधान भी किया गया। प्रोजेक्टर के माध्यम से सहायक आयुक्त विनय कुमार ओझा ने बताया कि एक कर एक बाजार के उद्देश्य को साकार करने के लिए ही ई-वे बिल को राष्ट्रीय स्तर पर लागू किया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के रूप में छह राज्यों में शामिल उत्तराखंड में यह व्यवस्था 15 दिसंबर से संचालित हो रही है। राज्य में जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों, ट्रांसपोर्टरों के ई-वे बिल बनाए जा रहे हैं। एक जनवरी से आठ जनवरी तक 55 हजार ई-वे बिल बनाए गए हैं।
उन्होंने बताया कि ई-वे बिल की अनिवार्यता के साथ ही 154 वस्तुओं की सूची भी प्रकाशित की गई है। परिवहन में मिलने वाली छूट के बारे में भी बताया। इस दौरान लोगों की विभिन्न समस्याओं का समाधान भी किया गया। व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों ने समय-समय पर इस तरह के प्रशिक्षण देने पर जोर दिया। इस दौरान अधिवक्ता सुंदर लाल गोयल, राजेंद्र जसवाल, व्यापार मंडल अध्यक्ष भगवंत नेगी, अमित गोयल, विनोद कांडपाल, जगदीश अग्रवाल, संजय बिष्ट, आनंद अग्रवाल, नवल किशोर, हयात बिष्ट, आशीष बेलवाल, प्रदीप गुप्ता, आरसी पांडे, रितेश गर्ग सहित तमाम लोग मौजूद थेे।