एएनएम ट्रेनिंग सेंटरों की अव्यवस्थाओं के कारण एएनएम प्रशिक्षण के लिए सरकारी कोटे की 60 सीटों पर सोमवार को अंतिम तिथि के दिन भी काउंसलिंग नहीं हो सकी। एएनएम प्रशिक्षण केंद्रों में पहली बार ऑनलाइन काउंसलिंग कराने का फैसला लिया गया था, लेकिन अल्मोड़ा, रानीपोखरी और पौड़ी में स्थित सरकारी एएनएम प्रशिक्षण केंद्र ऑनलाइन काउंसलिंग की व्यवस्था कराने में विफल रहे। इस कारण इन तीनों प्रशिक्षण केंद्रों की 20-20 सीटों के लिए काउंसलिंग नहीं हो सकी।
अगर स्वास्थ्य महानिदेशालय ने काउंसलिंग की तिथि बढ़ाकर इन खाली सीटों पर अभ्यर्थियों को प्रवेश नहीं दिलवाए तो अच्छे अंक पाने वाली युवतियों को इन सरकारी ट्रेनिंग केंद्रों में मुफ्त में प्रशिक्षण लेने के बजाय मजबूरी में भारी शुल्क पर प्राइवेट ट्रेनिंग केंद्रों में प्रशिक्षण लेना पड़ेगा।
राज्य में कुल 25 एएनएम ट्रेनिंग सेंटर हैं। इनमें से 19 प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटर हैं। जबकि अल्मोड़ा, देहरादून, रानीपोखरी, पिथौरागढ़, गदरपुर और पौड़ी में सरकारी ट्रेनिंग सेंटर हैं।
देहरादून ट्रेनिंग सेंटर में 50 सीटें और अन्य सभी प्रशिक्षण केंद्रों में 20-20 सीटें हैं। सरकारी ट्रेनिंग सेंटरों में प्रशिक्षण मुफ्त में मिलता है। दूसरी तरफ प्राइवेट एएनएम ट्रेनिंग सेंटरों में इसके लिए काफी शुल्क लिया जाता है। सरकारी ट्रेनिंग सेंटरों प्रवेश परीक्षा में प्राप्त अंकों (मेरिट) के आधार पर प्रवेश मिलता है। जिन अभ्यर्थियों को सरकारी ट्रेनिंग सेंटरों में प्रवेश नहीं मिल पाता वह प्राइवेट ट्रेनिंग सेंटरों में प्रवेश ले लेते हैं।
जानकारी के मुताबिक डेढ़ वर्षीय एएनएम ट्रेनिंग के लिए इस बार प्रवेश परीक्षा एचएनबी गढ़वाल विवि ने करवाई थी। पहली बार एएनएम ट्रेनिंग कालेजों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन काउंसलिंग कराने का फैसला लिया गया था।
काउंसलिंग के लिए 15 से 28 सितंबर की तारीख तय की गई थी। सूत्रों के मुताबिक देहरादून और गदरपुर को छोड़कर अन्य प्रशिक्षण केंद्र ऑनलाइन काउंसलिंग के लिए तकनीकी सुविधा समय से उपलब्ध नहीं करा सके। कुछ दिन पहले पिथौरागढ़ ट्रेनिंग सेंटर भी ऑनलाइन हो गया है, लेकिन अल्मोड़ा, रानीपोखरी और पौड़ी ट्रेनिंग सेंटर समय से ऑन लाइन काउंसलिंग की व्यवस्था नहीं कर सके। अंतिम तिथि के दिन भी इन तीन ट्रेनिंग सेंटरों की कुल 60 सीटों के लिए काउंसलिंग नहीं हो सकी और अगर शासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने इन सीटों के लिए काउंसलिंग की व्यवस्था नहीं करवाई तो तीनों ट्रेनिंग सेंटरों में सभी 60 सीटें खाली रह जाएंगी और वहीं प्रवेश परीक्षा देकर मेरिट में आने वाली युवतियों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ेगा। अगर सरकार ने इस बारे में तुरंत फैसला नहीं लिया तो अच्छी मेरिट के बावजूद ये युवतियां भारी शुल्क चुकाकर प्राइवेट ट्रेनिंग कालेजों में प्रवेश लेने को मजबूर हो जाएंगी। इधर अल्मोड़ा के मुख्य चिकित्साधिकारी डा.आरसी पंत ने बताया कि ट्रेनिंग सेंटर से जानकारी ली गई है और पता लगा है कि तकनीकी खामियों के कारण अल्मोड़ा एएनएम ट्रेनिंग सेंटर में ऑन लाइन की व्यवस्था देरी से हो सकी है।