जंगल की आग से जले पेड़ गिरने से लगातार यातायात हो रहा प्रभावित
रविवार रात 11 बजे फायर सर्विस की टीम ने आवाजाही कराई सुचारु
रानीखेत(अल्मोड़ा)। जंगलों में लगी आग का कहर शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। आग बुझने के बाद भी खतरा बरकरार है। जंगल की आग से जले पेड़ गिरने से रानीखेत-रामनगर हाईवे पर रविवार रात आवाजाही ठप रही, इससे कई पर्यटक फंसे रहे। उन्हें रात में वाहनों में बैठकर तीन घंटे तक जाम खुलने का इंतजार करना पड़ा।
रानीखेत-रामनगर हाईवे के किनारे जंगलों में बीते दिनों भीषण आग लगी। इससे कई पेड़ जलकर कमजोर हो गए और अब यह गिरने लगे हैं। रविवार रात करीब आठ बजे रीची के पास चीड़ के दो पेड़ गिरने से हाईवे पर आवाजाही ठप हो गई। कई पर्यटक और यात्री वाहन फंस गए। सड़क के दोनों तरफ वाहनों की कतार लगी रही। इससे पर्यटक और यात्री रात में राहत का इंतजार करते रहे। सूचना के बाद फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद पेड़ों को हाईवे से हटाया गया। तीन घंटे बाद रात 11 बजे आवाजाही शुरू हो सकी।
ताड़ीखेत, सोनी और धमाईजर में हैं कमजोर पेड़
रानीखेत। रानीखेत-रामनगर हाईवे पर ताड़ीखेत, सोनी, धमाईजर के पास सड़क किनारे खड़े कई पेड़ जलकर कमजोर हो गए हैं, इनके हल्की हवा से भी गिरने का खतरा बना हुआ है। बीते दिनों ताड़ीखेत के पास पेड़ गिरने से इस हाईवे पर आवाजाही ठप रही थी। इस हाईवे पर हर रोज हजारों वाहन और यात्री आवाजाही करते हैं। ऐसे में यदि सुरक्षा के इंतजाम नहीं हुए तो बड़ी घटना हो सकती है।
बोले पर्यटक
नोएडा से रानीखेत घूमने जा रहे थे। पेड़ गिरने से फंस गए। घंटों वाहन में बैठकर इंतजार करना पड़ा। हाईवे के किनारे कई पेड़ खतरा बने हैं जो दुर्घटना का कारण बन सकते हैं। -नितेश मिश्रा।
रानीखेत-रामनगर हाईवे पर पेड़ गिरने से तीन घंटे तक जाम खुलने का इंतजार करना पड़ा। किसी तरह रानीखेत पहुंचे। जलकर कमजोर हो चुके पेड़ों से खतरा बना हुआ है। -मयंक कौशिक।
कोट - रानीखेत-रामनगर हाईवे पर चीड़ के पेड़ गिर गए थे। टीम को मौके पर भेजकर पेड़ हटाए गए और आवाजाही शुरू कराई गई। टीम तत्परता से काम कर रही है। -वंश नारायण यादव, प्रभारी अग्निशमन अधिकारी, रानीखेत।
कोट-जंगल की आग से पेड़ों को नुकसान पहुंचा है। तने जलकर पेड़ कमजोर हो गए हैं। हवा से ये पेड़ गिर रहे हैं। टीम को सुरक्षा के उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं। यात्रियों और वाहन चालकों को भी सुरक्षित तरीके से आवाजाही करनी होगी। -तापस मिश्रा, रेंजर, रानीखेत।