अल्मोड़ा। अल्मोड़ा में कलक्ट्रेट और अन्य मुख्य कार्यालयों के रैलापाली स्थानांतरित होने से व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हो रहा है। कलक्ट्रेट के शहर के बीचों बीच मल्ला महल में होने से बाजार में रौनक रहती थी। कलक्ट्रेट में कार्य के लिए आए बाजार से घर की सामग्री भी ले जाया करते थे। लेकिन अब बाजार में दूर दराज के लोग कम पहुंच रहे हैं जिससे व्यापारियों का कारोबार मंदा हो गया है।
अल्मोड़ा के बाजार में कलक्ट्रेट और प्रशासनिक कार्यालय होने से लोगों की भीड़ लगी रहती थी। जिससे नगर की बाजारों में रौनक होने से व्यापारियों के कारोबार भी अच्छा चला करता था। कलक्ट्रेट और अन्य मुख्य कार्यालयों के रैलापाली स्थानांतरित होने से सरकारी कर्मचारियों और कार्यालय आने वाले ग्रामीणों के आवागमन में कमी से लाला बाजार और आसपास के छोटे दुकानदारों के कारोबार में कमी आई है। दूरदराज से आने वाले लोग अब सीधे कलक्ट्रेट चले जाते हैं। इससे अब शहर के मुख्य बाजारों से खरीदारी नहीं कर पाते। शहर के पारंपरिक व्यवसायों और छोटे दुकानदारों के कारोबार में इसका बड़ा असर हुआ है जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
-
मल्ला महल से कलक्ट्रेट समेत अन्य कार्यालयों को स्थानांतरित करने के बाद बाजार के कारोबार में 40 प्रतिशत की गिरावट आ गई है। दूर दराज से आने वाले लोग अल्मोड़ा से कट गए हैं, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। मल्ला महल में करोड़ों रुपये लगाने के बाद भी सन्नाटा पसरा हुआ है। इसे बचाने के लिए यहां कार्यालय खोले जाने चाहिए। ताकि मल्ला महल फिर आबाद हो।
सुशील साह, अध्यक्ष व्यापार मंडल अल्मोड़ा
-
कलक्ट्रेट के रैलापाली चले जाने से शहर के पुराने व्यावसायिक केंद्रों की महत्ता को कम कर दिया है। जिससे बाजार के व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
राकेश शाह, कपड़ा व्यापारी