पर्यटन विभाग दंडेश्वर से जागेश्वर धाम तक ट्रैकिंग रूट विकसित करेगा। केंद्र सरकार के स्वदेश दर्शन योजना में जागेश्वर और कटारमल सूर्य मंदिर को शामिल करने से दोनों स्थानों पर अवस्थापना सुविधाओं का विकास होने की उम्मीद बढ़ गई है। योजना के मूर्त रूप लेने पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इन स्थानों पर बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी। पर्यटकों की आमद बढ़ने से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
124 मंदिरों के समूह जागेश्वर धाम में मंदिरों का निर्माण सातवीं से चौदहवीं शताब्दी के मध्य हुआ है। प्रदेश सरकार गत वर्ष जागेश्वर में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव आयोजित कर चुकी है। इस वर्ष भी अक्तूबर में अंतर्राष्ट्रीय योग महोत्सव प्रस्तावित है। वहीं अल्मोड़ा से करीब 18 किमी दूरी पर कत्यूरी काल का सूर्य मंदिर कटारमल देश के दुर्लभ सूर्य मंदिरों में एक माना जाता है, लेकिन प्रचार-प्रसार और सुविधाओं के अभाव में सूर्य मंदिर पर्यटन स्थल का रूप नहीं ले सका है।
दोनों स्थानों पर सुविधाएं नहीं होने से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। पर्यटन विभाग केंद्र सरकार द्वारा स्वदेश दर्शन योजना में शामिल किए गए दोनों धार्मिक स्थलों को हैरिटेज पर्यटन सर्किट के रूप में विकसित करेगा। जिला पर्यटन विकास अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्या ने बताया कि दंडेश्वर से जागेश्वर तक ट्रैकिंग रूट विकसित किया जाएगा, जो कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होगा। योजना के तहत दोनों स्थानों पर प्रवेश द्वार, पार्किंग, पथ प्रकाश को सोलर लाइट, शौचालय, पार्किंग, मार्ग सुदृढ़ीकरण के काम होंगे। उन्होंने कहा कि पर्यटन निदेशालय से बजट जारी होने के बाद योजना पर काम शुरू होगा।