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Almora News: सफारी के यादगार पलों को कैमरे में कैद नहीं कर सकेंगे पर्यटक

Fri, 10 Apr 2026 11:34 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा
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अल्मोड़ा। मोहान ईको टूरिज्म जोन में अब पर्यटक सफारी में बैठकर वन्यजीवों की तस्वीरों को मोबाइल और कैमरे में कैद नहीं कर सकेंगे। वन विभाग मोहान में सफारी के दौरान फोटोग्राफी पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी कर रहा है। यह निर्णय वन्यजीवों को फ्लैश लाइट, कैमरों की आवाज और मानवीय हस्तक्षेप से बचाना है ताकि वन्यजीव खुद को प्राकृतिक परिवेश में सहज महसूस कर सकें।
मोहान ईको टूरिज्म जोन में बाघ, भालू, तेंदुए, हाथी, घुरड़, लोमड़ी, चीतल, सांभर आदि के दीदार के लिए पर्यटक खासे उत्साहित रहते हैं। कई बार पर्यटक सफारी के दौरान मोबाइल और कैमरे से वन्यजीवों की तस्वीर लेते हैं। फ्लैश और कैमरे की आवाज से वन्यजीवों के व्यवहार में बदलाव आ सकता है। इससे वह आक्रामक भी हो सकते हैं।
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पर्यटकों और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वन विभाग ने अब यहां फोटोग्राफी पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। यह कदम जैव विविधता के संरक्षण के लिए बेहद जरूरी कदम साबित होगा। इस पहल से क्षेत्र में इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटक यहां की प्राकृतिक सुंदरता को करीब से निहार सकेंगे।
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मुख्य गेट पर होगा लॉकर

सफारी के लिए मोहान पहुंचे वाले पर्यटकों को कैमरा और मोबाइल रखने के लिए लॉकर उपलब्ध कराया जाएगा। जहां उन्हें सफारी में बैठने से पहले इन्हें जमा करना होगा। लॉकर में उनका सामान सुरक्षित रहेगा और सैर के बाद वह सामान वापस ले सकेंगे।


नवंबर से अब तक 75 लाख का मुनाफा
वन विभाग के मुताबिक जंगल सफारी पर्यटकों को आकर्षित कर रही है। इससे विभाग के राजस्व में लगातार वृद्धि हो रही है। यह आय का बेहतर स्रोत साबित हो रहा है। सफारी संचालन कर नंवबर से अब तक विभाग को 75 लाख रुपये की आमदनी हुई है लेकिन आय बढ़ाने के साथ ही वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए भी यह कदम उठाया गया है।
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कोट

- मोहान ईको टूरिज्म जोन में अगले सप्ताह से फोटोग्राफी प्रतिबंधित रहेगी। वन्यजीव जंगल में खुद को सहज महसूस करें इसके लिए यह निर्णय लिया गया है। मानव वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिए यह पहल बेहद जरूरी माना जा रहा है।

- दीपक सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी, अल्मोड़ा वन प्रभाग


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