अल्मोड़ा। पर्यटन सीजन नजदीक है लेकिन अल्मोड़ा में बदहाल सड़कें पर्यटन कारोबार पर ग्रहण लगा रही हैं। अधिकांश पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाली सड़कें बदहाल हैं जो पर्यटकों के साथ ही कारोबारियों की परेशानी बढ़ा रही हैं। गड्ढों से पटी सड़कों पर पर्यटक आवाजाही करने से परहेज कर रहे हैं जिसका असर पर्यटन कारोबार पर पड़ रहा है।
अल्मोड़ा में अप्रैल के बाद देश के विभिन्न हिस्सों के साथ ही विदेशों से पर्यटक यहां के नैसर्गिक सौंदर्य को निहारने पहुंचते हैं। बिनसर, कसार देवी, जागेश्वर, रानीखेत सहित अन्य पर्यटक स्थलों में हर वर्ष 50 हजार से अधिक पर्यटक पहुंचते हैं लेकिन इन पर्यटन स्थलों में पहुंचने के लिए पर्यटकों को काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है जिसकी बड़ी वजह बदहाल सड़कें हैं।
अल्मोड़ा-भवाली, भतरौंजखान-रानीखेत, सोमेश्वर-कौसानी और मौलेखाल-डोटियाल-मानिला सड़क लंबे समय से बदहाल हैं। जगह-जगह डामर उखड़ने से इनमें गड्ढे बन गए हैं। ये सड़कें पर्यटकों का दर्द बढ़ा रही हैं और वे इन सड़कों से आवाजाही कर अल्मोड़ा के पर्यटन स्थलों में पहुंचने से परहेज कर रहे हैं। ऐसे में जिले के पर्यटन कारोबार को नुकसान पहुंच रहा है। बावजूद इसके सड़कों को गड्ढा मुक्त कर पर्यटन कारोबार को बढ़ाने के दावे हो रहे हैं।
खल रही है पार्किंग की कमी
अल्मोड़ा। सोमेश्वर, भतरौंजखान, मौलेखाल, कौसानी समेत कई पर्यटन स्थलों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। सैलानियों की आवाजाही से पर्यटन स्थलों पर वाहनों का दबाव भी बढ़ जाता है। ऐसे में सड़कों पर जाम की स्थिति पैदा हो रही है जिससे पर्यटकों को परेशानी हो रही है।
तीन दिन में पहुंचे 15 हजार से अधिक पर्यटक
अल्मोड़ा। तीन दिन के अवकाश में 15 हजार से अधिक पर्यटक जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों में पहुंचे। सीजन से पहले ही पर्यटकों के पहुंचने से पर्यटन कारोबारियों के चेहरों पर मुस्कान है। कसार देवी के होम स्टे संचालक वीरेंद्र मेहरा ने बताया कि तीन दिनों में कसार देवी में ही तीन हजार से अधिक पर्यटक पहुंचे थे। इस बार पर्यटन सीजन में बेहतर कारोबार होने की उम्मीद है।
कोट
सड़कों का सुधारीकरण किया जा रहा है। जहां-जहां सड़कें खराब हैं उन्हें ठीक कराया जा रहा है ताकि आवाजाही के दौरान किसी भी तरह की दिक्कत न हो। - आशुतोष कुमार, अधिशासी अभियंता, लोनिवि, अल्मोड़ा।
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पर्यटन सीजन में भी नहीं सुधर पाई रानीखेत की सड़कों की हालत
रानीखेत (अल्मोड़ा)। पर्यटन सीजन शुरू हो चुका है लेकिन रानीखेत की सड़कों की स्थिति काफी खस्ताहाल है। मुख्य सदर बाजार की सड़क हो या आंतरिक मार्ग में जगह-जगह गड्ढे बन चुके हैं। मुख्य बाजार में लंबे समय बाद भी डामरीकरण नहीं हो सका है। इस कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गांधी चौक से नैनीताल बैंक मार्ग में भी फिर से गड्ढे बन गए हैं। वहीं ब्रिटिशकालीन जरूरी बाजार की सड़क भी क्षतिग्रस्त हो चुकी है। संवाद
फोटो: 10 आरकेटी 08पी: रानीखेत नगर में इस तरह से गड्ढों में तब्दील हुई है सड़क।
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तीन किमी सड़क में 11 साल बाद भी नहीं हो सका डामरीकरण
चिराला को जोड़ने वाली सड़क बदहाल, ग्रामीण झेल रहे मुसीबत
संवाद न्यूज एजेंसी
अल्मोड़ा। भैंसियाछाना विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत दिगोली के तोक चिराला को जोड़ने वाली तीन किमी सड़क में 11 साल बाद भी डामरीकरण नहीं हो पाया है। सड़क कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त है जिससे दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
सोमवार को कई ग्रामीण कलक्ट्रेट पहुंचे और डीएम से मिले। उन्होंने बताया कि 11 साल पूर्व दलबैंड से देवड़ा जाने वाली सड़क से जिला योजना के तहत चिराला को जोड़ने के लिए तीन किमी सड़क का निर्माण किया गया था। अब यह सड़क जर्जर हालत में पहुंच गई है। बारिश होने पर सड़क में जल भराव हो जाता है जिससे आवाजाही में दिक्कतें होती हैं और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने जल्द डामरीकरण न होने पर अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के बहिष्कार करने का ऐलान किया। डीएम वंदना सिंह ने ग्रामीणों को जिला योजना के तहत डामरीकरण करने का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल में चंदन लाल टम्टा, विजय सिंह, राधा देवी, वीरेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
बोले ग्रामीण
कई वर्षों बाद भी सड़क में डामरीकरण न होना गांव की उपेक्षा है। सड़क होने के बावजूद ग्रामीणों को यातायात सुविधा का लाभ नहीं मिल रहा है। जल्द डामरीकरण किया जाना चाहिए। - शंकर सिंह, चिराला।
गांव में 130 मतदाता निवास करते हैं। नेता वोट मांगने तो आते हैं लेकिन इसके बाद गांव की सुध नहीं लेते हैं। डामरीकरण न हुआ तो ग्रामीण लोकसभा चुनाव का बहिष्कार करेंगे। - दीपक सिंह, चिराला।
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रामपुर और जसेजर के लिए सड़क बनाने की मांग, ज्ञापन सौंपा
चौखुटिया (अल्मोड़ा)। ग्राम पंचायत कोट्यूड़ा (ताल) के तोक रामपुर और जसेजर के लिए सड़क बनाने की मांग उठने लगी है। इस मांग को लेकर संबंधित क्षेत्र के लोगों ने तहसील मुख्यालय पहुंचकर तहसीलदार विवेक राजौरी को ज्ञापन सौंपा। तहसीलदार ने संबंधित पटवारी से मौका मुआयना कर आख्या देने को कहा है। लोगों ने इसके अलावा एक अन्य ज्ञापन रामनगर से गैराड़ तक जीएमओ बस के संचालन की मांग की। ज्ञापन देने वालो में सेवानिवृत्त सूबेदार मेजर हीरा सिंह पटवाल, खुशाल सिंह , प्रधान धन सिंह भैलवाल, रमेश अधिकारी, सुंदर लाल ,भगवत सिंह माहरा, भुवन कठायत, देव सिंह पैलिया व भुपाल सिंह आदि थे। संवाद
तहसील में ज्ञापन सौंपते लोग।