प्रदेश में पर्यटन विकास के चाहे लाख दावे होते हों, लेकिन धरातल पर परिस्थितियां विपरीत हैं। नौ साल पहले सरकार ने पर्यटन विकास का जिम्मा कुमाऊं मंडल विकास निगम को सौंपा। निगम ने कई स्थानों पर पर्यटकों की सुविधा के लिए पर्यटक आवास गृह और पर्यटन सूचना केंद्र बनाए, लेकिन द्वाराहाट का पर्यटन सूचना केंद्र झाड़ियों से ढक गया है। जिस कारण पर्यटकों को इन केंद्रों का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
रानीखेत रोड घटगाड़ में 11.74 लाख रुपये की लागत से पर्यटक सूचना केंद्र बनाया गया। तत्कालीन पर्यटन मंत्री टीपीएस रावत ने इसका उद्घाटन किया, लेकिन किसी ने भी इसकी सुध नहीं ली। यह सूचना केंद्र पूरी तरह से अराजक तत्वों का अड्डा बन गया है। चारों ओर से झाड़ियां उग आई हैं।
बंद केंद्र का पर्यटकों को कोई लाभ नहीं मिल रहा है। पर्यटक होटलों में महंगे दामों पर रहने को विवश हो रहे हैं। द्वाराहाट-सोमेश्वर मोटर मार्ग में पारकोट पर बना पर्यटन सूचना केंद्र भी पूरी तरह से अराजक तत्वों के हवाले हो चला है। केंद्र में अराजक तत्वों ने तोड़फोड़ की है। अंदर शराब की खाली बोतलें बिखरी हैं।
पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी कहते हैं कि सरकार ने पर्यटक आवास गृह और सूचना केंद्र बनाने में जगह के चयन में जल्दबाजी की। यह केंद्र पर्यटकों के लिए फायदेमंद तो नहीं हो रहे हैं, अलबत्ता पर्यटन प्रदेश बनाने के नाम पर सरकारी धन का जमकर दुरुपयोग हो रहा है।