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जिले में पर्यटन कारोबार 80 से 60 प्रतिशत पहुंचा

Sun, 25 Dec 2016 10:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा
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थर्टी फर्स्ट का जश्न मनाने पहाड़ों में पहुंचने वालों की संख्या में इस बार करीब 20 से 25 प्रतिशत की कमी आई है। पिछले बार दिसंबर माह में पहाड़ों में टूरिस्ट का 80 प्रतिशत तक था जो इस बार घटकर करीब 60 प्रतिशत पहुंच गया है। पर्यटन हल्का होने से होटल और रिसार्ट व्यवसायियों के कारोबार पर भी विपरीत असर पड़ने की संभावना है। होटल व्यवसायी नोटबंदी और पर्यटन विभाग की उदासीनता को इसका कारण मान रहे हैं। 
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    नए साल का जश्न मनाने हर साल काफी संख्या में लोग पर्वतीय क्षेत्रों में स्थित पिकनिक स्थलों का रुख करते हैं लेकिन इस बार नोट बंदी के चलते पर्यटकों की तादात पर असर पड़ने की संभावना है। जानकारी के मुताबिक इस बार पिछले वर्षों की अपेक्षा बुकिंग में कमी आई है। जिले में रानीखेत का चौबटिया, गोल्फ मैदान, हैड़ाखान, सोनी बिंसर के अलावा नगर और आसपास बिंसर, कसारदेवी, स्याही देवी, शीतलाखेत आदि जगहों पर पर्यटक छुट्टी मनाने पहुंचते हैं। लेकिन इस बार इन पर्यटन स्थलों में पिछली बार की अपेक्षा पर्यटकों की तादात में काफी कमी आई है। अल्मोड़ा होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश बिष्ट ने बताया कि होटल व्यवसाय में इस बार 30 प्रतिशत की कमी आई है।

लोगों के पास कैश नहीं है और बैंकों से भी पर्याप्त मात्रा में कैश नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने पर्यटन कारोबार में आ रही कमी के लिए पर्यटन विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। कहा कि पर्यटन विभाग का रवैया उदासीन होने के कारण और पहाड़ में पर्यटन को बढ़ावा नहीं देने के कारण भी यह हालात पैदा हुए हैं। उनका कहना है कि पर्यटन विभाग बड़े शहरों की ओर ही फोकस कर रहा है और छोटे शहरों की ओर उसका रवैया उदासीन बना हुआ है। हालांकि नोटबंदी से आ रही दिक्कतों को देखते हुए होटल और रिसार्ट स्वामियों ने पेटीएम और स्वाइप जैसी सुविधा भी उपलब्ध करा रखी है। जिला पर्यटन अधिकारी कीर्ति आर्या ने बताया कि पर्यटन में इस बार करीब 20 से 25 प्रतिशत की कमी आई है। अधिकांश पर्यटक बर्फबारी देखने अन्य जगहों पर चले गए हैं। ऑफ सीजन और नोटबंदी से भी पर्यटन पर फर्क पड़ा है। 
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