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पर्यटन गतिविधियां चलाने को रजिस्ट्रेशन जरूरी

Sat, 19 Dec 2015 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, अल्मोड़ा।
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 प्रदेश सरकार ने पर्यटन क्षेत्र के व्यवसाय को संगठित करने की कोशिश शुरू कर दी है। जनवरी से प्रदेश सरकार उत्तराखंड पर्यटन एवं यात्रा व्यवसाय पंजीकरण नियमावली 2014 लागू करने जा रही है। इसके तहत  होटल, मोटल, रिजॉर्ट, पेइंग गेस्ट, धर्मशाला, यात्री विश्राम गृहों के अलावा खान-पान संबंधी, साहसिक समेत अन्य पर्यटन गतिविधियां संचालित करने वाली इकाईयों को अधिनियम के तहत पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
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केंद्र सरकार द्वारा लागू सराय एक्ट में अब तक होटल, मोटल, रिजार्ट, यात्री विश्राम गृह, टैंट कालोनी, नेचर कैंप, रिवर, लेक क्रूज, हाउस बोट, पेइंग गेस्ट हाउस, धर्मशाला आदि का पंजीकरण होता था। यह पंजीकरण जिला पर्यटन कार्यालय अथवा उपनिदेशक ट्रेवल ट्रेड मुख्यालय देहरादून में होता था। पर्यटन व्यवसाय को संगठित करने के लिए प्रदेश सरकार ने अपना एक्ट बना लिया है।

सरकार इसे जनवरी से लागू करने जा रही है। नियमावली के तहत आवसीय सुविधा वाले आवास गृहों के अलावा पर्यटन गतिविधियां संचालित करने वाली इकाईयों को अधिनियम के तहत पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण के बगैर यह इकाईयां गतिविधियां संचालित नहीं कर सकेंगी।
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जिला पर्यटन विकास अधिकारी कीर्ति चंद्र आर्य ने बताया कि खानपान संबंधी इकाईयों रेस्टोरेंट, बीयर बार, फास्ट फूड सेंटर, फूड प्लाजा, ढाबे, मनोरंजन इकाईयों आमोद-प्रमोद, थीम,  एम्यूजमेंट पार्क, गोल्फ कोर्स, रज्जूमार्ग, ध्वनि एवं प्रकाश प्रदर्शन, मत्स्य आखेट, साहसिक पर्यटन संबंधी इकाई एडवेंचर, टूर आपरेटर, कैनोइंग, सेलिंग, वोटिंग, वाटर स्पोर्ट्स वाटर स्कीइंग, स्नो स्कीइंग, ट्रौकिंग के अंतर्गत पर्वतारोपण  क्लाइंबिंग, माउंटेनरिंग, बाइकिंग, वाइल्ड लाइफ सफारी, बर्ड वाचिंग, मोटर साइकिल रैली, पैरासेलिंग, पैराग्लाइडिंग के अलावा हस्तशिल्प, सेवीनियर शॉप, योग ध्यान केंद्र, साधना कुटीर, पर्यटक सूचना केंद्र वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी इकाईयों को इस अधिनियम के तहत पंजीकरण कराना जरूरी होगा।
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