रानीखेत (अल्मोड़ा) इन दिनों सब्जियों की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। खासकर टमाटर जिसकी कीमतें तराई में 70 से 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं उसने ग्राहकों की परेशानी बढ़ा दी है। ऐसे में पहाड़ की कोसी घाटी से आ रहा टमाटर आम लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। बेहतरीन स्वाद, ताजगी और महज 30 रुपये प्रति किलो की दर से यह टमाटर बाजार में छाया हुआ है। हल्द्वानी-रानीखेत हाईवे पर स्थित पातली, गरमपानी, खैरना आदि क्षेत्र के बाजार में कोसी घाटी के टमाटर की जबरदस्त मांग बनी हुई है। इन बाजारों में सिल्टोना, तिपोला, सूरी फार्म, बुधलाकोट, बजेडी, सिमराड़, गड़खेत आदि गांवों से टमाटर पहुंच रहा है जो ग्राहकों की पहली पसंद बन गया है।
बंदरों और जंगली जानवरों से नुकसान
स्थानीय दुकानदार दीपचंद्र तिवाड़ी और दुर्गा सिंह बिष्ट बताते हैं कि बिक्री भले ही अच्छी हो रही हो पर जंगली जानवरों और बंदरों के कारण गांवों में टमाटर की खेती को काफी नुकसान पहुंच रहा है। इसी वजह से बाजार में इसकी आपूर्ति सीमित मात्रा में ही हो पा रही है। अच्छा स्वाद और कम कीमत की वजह से कोसी घाटी के टमाटर की मांग बनी हुई है।
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स्वाद, ताजगी और कीमत में बेहतर
तराई क्षेत्र में जहां टमाटर महंगा हो गया है वहीं कोसी घाटी का टमाटर सस्ता होने के साथ ही ग्राहकों को स्वाद और ताजगी दे रहा है। यही कारण है कि हाईवे से गुजरने वाले यात्री भी इस टमाटर को खरीदकर हल्द्वानी, अल्मोड़ा, रानीखेत आदि स्थानों को ले जा रहे हैं। संवाद