रानीखेत पीजी काॅलेज में कक्षाओं का बहिष्कार करते बीएड पाठ्यक्रम के छात्र छात्राएं।
- फोटो : amar ujala
प्रदेश के 17 राजकीय महाविद्यालयों में संचालित स्ववित्त पोषित बीएड पाठ्यक्रम को राज्य पोषित करने की मांग को लेकर बीएड छात्र-छात्राओं का संघर्ष जारी रहा। पिछले तीन दिनों से कक्षाओं का बहिष्कार चल रहा था, उपेक्षा से गुस्साए छात्र छात्राओं ने अब 22 जून से धरना प्रदर्शन शुरू करने का एलान कर दिया है। छात्र-छात्राओं का कहना है कि राजकीय महाविद्यालयों में 2008 से स्ववित्त पोषित बीएड पाठ्यक्रम संचालित हो रहे हैं। अब एनसीटीई नियमावली के तहत पाठ्यक्रम को द्विवर्षीय कर दिया गया है।
जिसके चलते छात्र-छात्राओं को इस कोर्स के लिए 70 हजार रुपये की फीस और अन्य खर्चे अलग से वहन करने पड़ रहे हैं, जबकि राज्य पोषित महाविद्यालयों में इस कोर्स के लिए मात्र 12 हजार रुपये की फीस अदा करनी पड़ती है। स्थानीय पीजी कालेज में अध्ययनरत छात्र छात्राओं ने 17 महाविद्यालयों में संचालित स्व वित्त पोषित बीएड पाठ्यक्रमों को राज्य पोषित करने की मांग को लेकर छात्र-छात्राओं ने पिछले तीन दिनों से कार्य बहिष्कार पर थे, कल 22 जून से धरना प्रदर्शन के साथ आंदोलन शुरू करने का एलान किया है।
तीन दिन पूर्व छात्र-छात्राओं ने जुलूस प्रदर्शन करते हुए एसडीएम के माध्यम से उच्च शिक्षा मंत्री को ज्ञापन भी भेजा था, लेकिन अभी तक मांग पूरी नहीं हुई है। जिसके चलते छात्र-छात्राएं अब आरपार की लड़ाई के मूड में आ गए हैं। कार्य बहिष्कार करने वालों में महेश चंद्र, मीना, कविता नेगी, ललित सहित दर्जनों छात्र-छात्राएं शामिल थे।