समनेट और अमन संस्था की ओर से पालिका सभागार में नगरीय यातायात में पैदल यात्री विषय पर गोष्ठी आयोजित की गई। मुख्य वक्ता पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा कि नगर में मुख्य मार्गों पर पैदल चलने के लिए नालियों के ऊपर पैदल पथ बनाए जाएं।
उन्होंने कहा कि सिकुड़ती सड़कों पर हर छह महीने में दस हजार नए वाहनों का दबाव पैदल यात्रियों के लिए संकट पैदा कर रहा है। दृष्टि बाधित संघ के डीके जोशी ने कहा कि मार्गों में जेबरा क्रॉसिंग बनाए जाने चाहिए। बाजारों में दुकानों को सड़कों तक फैलने की अनुमति देने से दृष्टिबाधित और अन्य दिव्यांगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। सड़कों के किनारे लगे जेनरेटरों से दिव्यांगों को यातायात के संकेत पकड़ने में परेशानी होती है। इससे दुर्घटनाएं होने की आशंका रहती है। समनेट के संयोजक रघु तिवारी ने कहा कि हर पैदल यात्री को सड़क पर सुरक्षित यात्रा करने का अधिकार है। सड़कों पर बढ़ते वाहनों का दबाव, अतिक्रमण और यातायात के नियमों की अनदेखी के कारण शहरों में बुर्जुर्गों, महिलाओं, बच्चों तथा असक्त लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। डे-केयर सेंटर और वरिष्ठजनों के संगठनों ने प्रशासन द्वारा पैदल यात्रियों की अनदेखी करने पर चिंता जताई।
अध्यक्षता डॉ. जेएस मेहता ने और संचालन नीलिमा भट्ट ने किया। बैठक में रीता दुर्गापाल, प्रो. एके पंत, विजय पांडे, उपासना, प्रेम कुमार, सायमा, डा. ललित जोशी, डा. अर्चना लोहनी, फारुख, रमेश दानू, शशिशेेखर ने विचार रखे। कार्यक्रम में प्रभा ममगई, रेनू नेगी, नीमा कांडपाल, खीमानंद, रजनी आर्या, कविता, मोहन, कल्याण मनकोटी, लीला खोलिया, एलएस ऐठानी, प्रताप सिंह आदि मौजूद थे।