लावारिस कुत्ते को दवा खिलातीं पशु चिकित्साधिकारी।
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नगर में खुजली और बाल झड़ने की बीमारी से जूझ रहे लावारिस कुत्तों का आखिरकार उपचार शुरू हो गया है। सैकड़ों कुत्ते इस रोग की चपेट में हैं। संक्रमण की आशंका के चलते स्थानीय लोगों ने भी कई बार इनके उपचार की मांग उठाई थी, इधर अब छावनी परिषद और पशु चिकित्सा विभाग ने कुत्तों के उपचार का बीड़ा उठाया है। फिलहाल 285 बीमार कुत्तों का चयन किया गया है। उबले अंडे में मिलाकर कुत्तों को दवा खिलाई गई, फायदा नहीं होने पर एंटी फंगल ट्रीटमेंट शुरू किया जाएगा।
मालूम हो कि नगर में लावारिस कुत्तों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सैकड़ों कुत्ते नगर क्षेत्र में घूम रहे हैं, जो कि लंबे समय से बाल झड़ने और खुजली रोग से पीड़ित हैं। कई कुत्तों के शरीर पर एक भी बाल नहीं हैं, मीट मार्किट, मालरोड, आशियाना पार्क सहित तमाम स्थानों पर इनकी तादात निरंतर बढ़ती जा रही है। आबादी वाले इलाकों में यह बीमार कुत्ते सोए रहते हैं, लोगों में भी इस बीमारी के संक्रमण की आशंका गहराने लगी थी, जिससे लोगों में हड़कंप मचा हुआ था।
इस संबंध में कई बार छावनी परिषद से शिकायत की गई थी। इधर, अब कुत्तों का उपचार शुरू कर दिया गया है। कैंट बोर्ड सीईओ ज्योति कपूर और पशु चिकित्साधिकारी डा. ममता यादव की देखरेख में बीमार कुत्तों को अंडे में मिलाकर टेबलेट खिलाई गई। यह दवा इन कुत्तों को लगातार चार हफ्ते तक खिलाई जाएगी। यदि फायदा नहीं हुआ तो एंटी फंगल उपचार शुरू किया जाएगा। फिलहाल 70 से 80 कुत्तों को चर्म रोग संबंधी टेबलेट खिलाई जा चुकी है। कैंट बोर्ड की सीईओ ज्योति कपूर का कहना है कि पशु प्रेमी छावनी परिषद से यह दवा लेकर आसपास के बीमार कुत्तों का उपचार कर सकते हैं।
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कुत्तों की यह बीमारी हवा में फैलने वाली नहीं है। यदि मनुष्य बीमार कुत्तों को पकड़े अथवा देर तक गोद में उठा ले तो संक्रमण की संभावना रहती है। पूर्व में बीमार कुत्तों को इंजेक्शन देने की योजना थी, लेकिन डाग कैप्चरिंग की समस्या आड़े आ गई, चर्म रोग संबंधी यह दवा ठीक है, इसका फायदा मिलेगा। सभी चयनित बीमार कुत्तों का उपचार किया जाएगा।
डा. ममता यादव, पशु चिकित्साधिकारी, रानीखेत।