नानीसार में भूमि आवंटन के मामले में आंदोलन की अगुवाई करने वाले उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष पीसी तिवारी और अन्य लोगों पर हमले का मामला काफी गरमा गया है। विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने मारपीट के विरोध में जुलूस निकाला और चौघानपाटा में सांकेतिक जाम लगाया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद कलक्ट्रेट तक जुलूस निकाला और एडीएम के माध्यम से ज्ञापन भेजा। उन्होंने मारपीट करने वालों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की। तमाम अन्य संगठनों ने भी घटना की निंदा की है।
चौघानपाटा में हुई सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार और प्रशासन पर हिमांशु एजुकेशनल सोसायटी की दलाली करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिंदल ग्रुप के लोगों ने पीसी तिवारी पर जानलेवा हमला कर घायल कर दिया। पीसी तिवारी सहित कई महिलाओं की भी जमकर पिटाई हुई, लेकिन प्रशासन ने सरकार के इशारे पर पीड़ितों को अस्पताल भिजवाने के बजाय जेल भिजवा दिया। जबकि मारपीट करने वाले बाहरी संदिग्ध लोगों को प्रशासन ने खुलेआम संरक्षण दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार के संरक्षण में नानीसार में खुलेआम गुंडागर्दी चल रही है। उन्होंने हमलावरों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग उठाई। लोगों ने घटना के विरोध में काफी देर चौघानपाटा में सड़क पर जाम लगा दिया। उन्होंने जन पक्षीय संगठनों से 26 जनवरी को नानीसार में गणतंत्र बचाओ आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया। जुलूस, चक्का जाम और सभा में आरडीएफ के जीवन चंद्र, लोक वाहिनी के अमीर्नुरहमान, छात्रसंघ उपाध्यक्ष सृष्टि नेगी, संयुक्त सचिव रजत मेहरा, सुनीता दानू, दीपक बिष्ट, सोनू कनवाल, जन्मेजय तिवारी, ललित बिष्ट, प्रेम राम आर्या, अनूप तिवारी, धनंनजय जोशी, आकाश जंगपांगी, रमेश कांडपाल, मनीषा मेहरा, तारा रावत, कमला दानू, रेनू बसेरा, ललित पंत, चंपा दानू आदि शामिल थे।
पीसी तिवारी पर हुए हमले की विभिन्न संगठनों ने निंदा की है। स्वराज अभियान ने नानीसार की घटना को पर्वतीय अस्मिता पर किया गया हमला बताया है। अभियान के मनोज ध्यानी, राजीव राजपूत, तुषार रावत, कुलदीप सैनी, सौरव रावल आदि ने माफियाराज पर अंकुश नहीं लगने पर सरकार के खिलाफ आंदोलन की चेतावनी दी है। उत्तराखंड क्रांति दल युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय उपाध्यक्ष गिरीश नाथ गोस्वामी ने भी पीसी तिवारी और अन्य ग्रामीणों के साथ हुई घटना की निंदा की है। टैक्स बार एसोसिएशन ने भी घटना की निंदा की है। एसोसिएशन के अध्यक्ष जगत सिंह रौतेला ने कहा कि पीसी तिवारी के खिलाफ हुई अभद्रता जन समस्याओं को लेकर संघर्ष चलाने वाली ताकतों को हतोत्साहित करने का षड्यंत्र बताया।