शहर में लागू की गई नई ट्रैफिक व्यवस्था के विरोध में विभिन्न संगठनों के लोगों ने बुधवार को शिखर तिराहे पर पुलिस प्रशासन का पुतला जलाया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जाम लगाने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस के हस्तक्षेप से वह जाम लगाने में सफल नहीं हो सके। पुतला जलाने से रोकने पर प्रदर्शनकारियों की पुलिस से नोंकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने नई यातायात व्यवस्था में परिवर्तन की मांग करते हुए आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शन को देखते हुए शिखर तिराहे पर पहले से ही पुलिस बल तैनात था।
राजनीतिक दलों, व्यापार मंडल और अन्य संगठनों के लोग और व्यापारी सुबह 11:30 बजे शिखर तिराहे पर एकत्र हुए और पुलिस प्रशासन के पुतले के साथ प्रदर्शन किया। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने शिखर तिराहे पर जाम लगाने का भी प्रयास किया, लेकिन कोतवाल उत्तम सिंह और पुलिस कर्मियों के हस्तक्षेप के चलते प्रदर्शनकारी जाम लगाने में सफल नहीं हो सके। पुतले को लेकर प्रदर्शनकारियों की पुलिस से धक्का-मुक्की और कोतवाल उत्तम सिंह से नोकझोंक भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बाद में पुलिस प्रशासन का पुतला फूंका।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शहर में लागू की गई नई वन-वे ट्रैफिक व्यवस्था से व्यापारियों के साथ ही लोगों को दिक्कतों का सामन करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि यदि ट्रैफिक व्यवस्था में परिवर्तन नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में व्यापार मंडल नगर अध्यक्ष भैरव गोस्वामी, उपाध्यक्ष दीपेश जोशी, सचिव मनोज पवार, त्रिलोचन जोशी, सभासद हेम तिवारी, व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष हरेंद्र वर्मा, दर्शन रावत, हेम गुरुरानी, हरीश जोशी, अरुण वर्मा, अजय बोरा, अनिल धवन, मंगल सिंह बिष्ट, अजय बोरा, देवाशीष नेगी सभासद मुकेश नेगी, धर्मेंद्र रौतेला, रवि रौतेला, दीपक वर्मा, मंजुल मित्तल, विनीत बिष्ट, अमित साह, डीसी तिवारी, रक्षित कार्की, अमित मल्होत्रा, तारा तिवाचरी, रमन वर्मा, आलोक बिष्ट आदि शामिल थे।