अल्मोड़ा। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दयाराम की अदालत ने जमीन की धोखाधड़ी के मामले में नारायण सिंह निवासी बल्टालाडी अल्मोड़ा को तीन वर्ष कठोर कारावास और 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अर्थदंड जमा नहीं करने पर अतिरिक्त सजा भोगनी होगी। इस मामले के दूसरे दोषी की पूर्व में मौत हो चुकी है।
अल्मोड़ा कोतवाली में दीप्ती शर्मा ने वर्ष 2021 में शिकायत दर्ज कराई। कहा कि उन्होंने कुछ साल पहले नारायण सिंह और राजेन्द्र सिंह से जमीन खरीदकर उस पर निर्माण कार्य कराया था। बताया कि वह अपने परिवार के साथ बेंगलुरु में रहती है जिसके चलते उन्होंने नारायण सिंह और राजेन्द्र सिंह इसकी देखरेख की जिम्मेदारी सौंपी थी। आरोप लगाया कि दोनों व्यक्तियों ने उस जमीन को अन्य व्यक्ति को बेच दिया और उनके नाम रजिस्ट्री भी करा दी। बाद में उन्हें इसकी जानकारी हुई। इसके बाद कोतवाली के एसआई विजय नेगी और एसआई विशन लाल ने जांच कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया। इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दयाराम की अदालत में हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुना और नारायण सिंह को दोषी करार देते हुए तीन वर्ष का कठोर कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इस मामले में दूसरे दोषी राजेंद्र सिंह की पूर्व में ही मृत्यु हो चुकी है। संवाद